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जालौन: संदिग्ध परिस्थितियों में 16 वर्षीय किशोरी ने की आत्महत्या, कमरे से बरामद ‘अनजान’ मोबाइल ने उलझाई मौत की गुत्थी

जालौन के मानपुरा गांव में घटना स्थल के बाहर जुटी भीड़ और जांच करती हुई पुलिस टीम व फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन/रामपुरा: जनपद के रामपुरा थाना अंतर्गत ग्राम मानपुरा में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ 16 वर्षीय किशोरी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक और सनसनी व्याप्त हो गई। हालांकि, पुलिस को मौके से एक ऐसा एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसके बारे में परिजनों को कोई जानकारी नहीं है। इस संदिग्ध मोबाइल की बरामदगी ने मामले को बेहद पेचीदा बना दिया है।

​सामान्य दिनचर्या के बाद अचानक उठाया आत्मघाती कदम

​मृतका की पहचान मानपुरा निवासी राधा (16 वर्ष) पुत्री नरेश कुमार कठेरिया के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार का दिन राधा के लिए सामान्य था। वह दिनभर अपनी मां और गांव की अन्य महिलाओं के साथ खेत पर मटर तोड़ने की मजदूरी करने गई थी। शाम करीब 7:00 बजे वह घर लौटी, जिसके बाद उसने रोजमर्रा की तरह घर का कामकाज किया और पूरे परिवार के लिए भोजन तैयार किया। परिजनों ने बताया कि राधा ने सबके साथ बैठकर खाना भी खाया और उस दौरान उसके व्यवहार में किसी भी प्रकार का तनाव या असामान्यता नजर नहीं आई।

​पिता के फोन कॉल के दौरान हुई घटना

​घटनाक्रम उस समय बदला जब राधा की मां अपने पति नरेश कुमार से फोन पर बात कर रही थीं। नरेश कुमार वर्तमान में कोंच नगर में नमामि गंगे परियोजना के तहत पाइपलाइन प्लंबिंग का कार्य करते हैं और काम के सिलसिले में वहीं रहते हैं। बातचीत के दौरान ही राधा चुपचाप अपने कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई, तो मां ने उसे आवाज लगाई। कोई जवाब न मिलने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई और शोर मचाया गया।

​सूचना मिलते ही पिता नरेश कुमार भी तत्काल कोंच से गांव पहुंचे। ग्रामीण और परिजनों ने मिलकर दरवाजा खोला तो देखा कि राधा का शव फंदे से लटक रहा था। मृतका के दो भाइयों में से एक गुजरात में मजदूरी करता है, जबकि छोटा भाई घर पर ही रहता है।

​पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

​मामले की गंभीरता को देखते हुए माधौगढ़ के क्षेत्राधिकारी (CO) अंबुज यादव, रामपुरा थाना प्रभारी निरीक्षक रजत कुमार सिंह और ऊमरी चौकी प्रभारी भरत कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। साक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।

​संदिग्ध मोबाइल: आत्महत्या या गहरी साजिश?

​इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पुलिस को राधा के कमरे की तलाशी के दौरान एक एंड्रॉइड स्मार्टफोन बरामद हुआ। जब पुलिस ने इस मोबाइल के बारे में परिजनों से पूछताछ की, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह मोबाइल उनके परिवार का नहीं है और न ही उन्हें इसके बारे में पहले से कोई जानकारी थी। एक साधारण मजदूर परिवार की किशोरी के पास अनजान एंड्रॉइड फोन का होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

​क्षेत्राधिकारी का बयान और आगामी कार्रवाई

​क्षेत्राधिकारी अंबुज यादव ने बताया कि पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अब मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) और सोशल मीडिया गतिविधियों की तकनीकी जांच करा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह फोन राधा के पास कहाँ से आया और वह अंतिम समय में किसके संपर्क में थी।

​“शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्राथमिक दृष्टि में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन संदिग्ध मोबाइल की बरामदगी के बाद सभी कोणों से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”

— अंबुज यादव, क्षेत्राधिकारी, माधौगढ़

​फिलहाल, गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस की कई टीमें इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी हैं। क्या यह केवल एक भावुक कदम था या इसके पीछे किसी बाहरी व्यक्ति का दबाव, यह तो जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।

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