जालौन में सनसनी: संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला 21 वर्षीय विवाहिता का शव, मायके पक्ष ने लगाया हत्या का संगीन आरोप

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से महिला उत्पीड़न और संदिग्ध मौत का एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। यहां के आटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम करमेर में एक 21 वर्षीय विवाहिता का शव उसके ससुराल के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ पाया गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और गांव में भारी तनाव का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। सूचना पाकर तत्काल घटना स्थल पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से तफ्तीश शुरू कर दी है।
वर्ष 2024 में हुई थी शादी, ससुराल पक्ष बता रहा आत्महत्या
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, 21 वर्षीय मृतका रोहिनी की शादी वर्ष 2024 में आटा थाना क्षेत्र के करमेर गांव के एक परिवार में हुई थी। बुधवार की देर रात अचानक घर के एक कमरे में उसका शव फंदे से लटकता हुआ पाया गया। घटना के तुरंत बाद ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा इसे आत्महत्या का मामला करार दिया जाने लगा। उनका दावा है कि रोहिनी ने अज्ञात कारणों के चलते यह आत्मघाती कदम उठाया है। हालांकि, घटना की परिस्थितियां कई गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं, जिनकी पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
मायके पक्ष का संगीन आरोप: “सास-ससुर ने प्रताड़ित कर मार डाला”
दूसरी ओर, घटना की भनक लगते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग भारी संख्या में करमेर गांव पहुंच गए। बेटी का शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतका के भाई रितेश कुमार और अन्य परिजनों ने ससुराल पक्ष के दावों को सिरे से खारिज करते हुए हत्या का सीधा और संगीन आरोप लगाया है।
परिजनों का स्पष्ट कहना है कि शादी के बाद से ही रोहिनी को उसकी सास, ससुर और ससुराल के अन्य सदस्यों द्वारा लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उसे आए दिन छोटी-छोटी बातों पर प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता था। मृतका के भाई रितेश कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा:
”मेरी बहन को लगातार परेशान किया जा रहा था। बीती रात ससुराल के लोगों ने मिलकर पहले उसकी बेरहमी से हत्या की और फिर कानूनी कार्रवाई तथा समाज से बचने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया, ताकि पूरी वारदात एक सामान्य आत्महत्या की तरह दिखाई दे। यह सीधे तौर पर सोची-समझी हत्या का मामला है।”
मौके पर हंगामा, पुलिस बल ने संभाली स्थिति
विवाहिता की संदिग्ध मौत और हत्या के आरोपों के बाद मायके पक्ष के लोगों ने मौके पर जमकर हंगामा किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। गांव में कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए आटा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाई और आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे अंत्यपरीक्षण (Post-Mortem) के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी तस्वीर: पुलिस
इस पूरे घटनाक्रम पर आटा थाना के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है। पुलिस हर एक बिंदु और साक्ष्य को बारीकी से खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक:
”शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। मृतका के परिजनों से तहरीर प्राप्त की जा रही है, और तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त वैधानिक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
फिलहाल, इस दुखद घटना के बाद से करमेर गांव में मातम का माहौल है और स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह मामला घरेलू हिंसा के कारण उपजी आत्महत्या का है या फिर इसके पीछे कोई गहरी आपराधिक साजिश है।






