जालौन: माधौगढ़ में स्मार्ट मीटर के खिलाफ फूटा जन आक्रोश; चितौरा स्टैंड पर घंटों चला जोरदार प्रदर्शन

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन। जनपद के माधौगढ़ कस्बे में सोमवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण और स्थानीय नागरिक सड़कों पर उतर आए। कस्बे के प्रमुख चितौरा स्टैंड पर एकत्रित हुए प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरना देकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि विभाग की यह ‘जबरन’ कार्रवाई उन्हें कतई स्वीकार नहीं है।
स्मार्ट मीटर पर ‘आर्थिक शोषण’ का आरोप

प्रदर्शन कर रहे स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग बिना उपभोक्ताओं की सहमति के जबरन स्मार्ट मीटर थोप रहा है। प्रदर्शनकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहां बिजली के बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि और भारी अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं। उपभोक्ताओं का तर्क है कि ये मीटर न केवल तेज चलते हैं, बल्कि तकनीकी खामियों के कारण मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, “पुराने मीटरों की तुलना में स्मार्ट मीटर का खर्च दोगुना आ रहा है, जिससे आम जनता का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।”
चितौरा स्टैंड पर लगा जाम, थमी वाहनों की रफ्तार
सोमवार सुबह जैसे ही भारी संख्या में लोग चितौरा स्टैंड पर एकत्र हुए, वहां यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश इतना अधिक था कि लोग किसी भी सूरत में पीछे हटने को तैयार नहीं थे। नारेबाजी के शोर और भीड़ के कारण आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी इसका असर देखने को मिला।
प्रशासनिक दखल और आश्वासन
हंगामे और सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और तहसील स्तर के अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराने का प्रयास किया और प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से वार्ता की। प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं और मांगों को बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों तथा शासन तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों के इस भरोसे के बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार हुए, जिससे यातायात पुनः सुचारू हो सका।
आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी
भले ही प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद वर्तमान स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन क्षेत्र में तनाव और असंतोष कम नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई गई और पुराने मीटरों के संबंध में उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन केवल माधौगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले चरण में तहसील मुख्यालय का घेराव किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा।
फिलहाल, इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों की एकजुटता ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है। अब देखना यह होगा कि शासन इस जन-असंतोष को दबाने के लिए क्या कदम उठाता है।







