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दौगुनी चाल: एक तरफ सड़क सुरक्षा का पाठ, दूसरी तरफ भाजपा की रैली में उड़ीं नियमों की धज्जियां

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जालौन में भाजपा महिला मोर्चा की स्कूटी रैली के दौरान बिना हेलमेट स्कूटी चलातीं जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित और अन्य महिला पदाधिकारी

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में इन दिनों विरोधाभास की एक अजीब तस्वीर देखने को मिल रही है। जहाँ एक ओर शासन-प्रशासन ‘सड़क सुरक्षा माह’ के अंतर्गत आम जनता को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने और हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करने में पूरी ताकत झोंक रहा है, वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में इन्हीं नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं।

नारी शक्ति के प्रदर्शन में भूली गई सुरक्षा

​भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के प्रचार-प्रसार हेतु उरई नगर में एक विशाल स्कूटी रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का नेतृत्व स्वयं भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित कर रही थीं। रैली का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकार की उपलब्धियों के प्रति जागरूक करना था, लेकिन विडंबना यह रही कि रैली में शामिल दर्जनों महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता बिना हेलमेट के सड़कों पर फर्राटा भरती नजर आईं।

नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा नियमों का उल्लंघन

​यह स्कूटी रैली उरई के टाउन हॉल परिसर से अत्यंत उत्साह के साथ रवाना हुई। रैली शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख मार्गों जैसे शहीद भगत सिंह चौराहा, अंबेडकर चौराहा, जिला परिषद और जेल रोड से होते हुए अमन रॉयल गार्डन तक पहुँची। पूरे मार्ग के दौरान जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित सहित संगठन की अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारी बिना हेलमेट के स्कूटी चलाती रहीं। सुरक्षा मानकों की यह अनदेखी उस समय हुई जब पूरे जिले में यातायात पुलिस सघन चेकिंग अभियान चलाकर आम जनता के चालान काट रही है।

सरकार की उपलब्धियों का बखान, नियमों पर चुप्पी

​रैली के समापन पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित ने बताया कि 15 अप्रैल से 20 अप्रैल तक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि महिला आरक्षण कानून जैसे ऐतिहासिक कदमों से देश की महिलाएं सशक्त हुई हैं। हालांकि, जब उनसे यातायात नियमों के उल्लंघन पर सवाल उठा, तो वहां सन्नाटा पसरा रहा। रैली में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, मीनू मिश्रा, प्रीति बंसल, अनीता वर्मा, प्रीति गुप्ता, अनीता सोलंकी, शीतल सागर, मंजू रानी और श्रद्धा सागर सहित सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठते गंभीर सवाल

​इस पूरे घटनाक्रम ने जिले के प्रशासनिक अमले और यातायात पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। शहर के हृदय स्थल से गुजरी इस रैली में नियमों का खुला उल्लंघन हुआ, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल मूकदर्शक बना रहा। यह स्थिति उस समय और भी गंभीर हो जाती है जब प्रशासन स्वयं ‘सड़क सुरक्षा माह’ मना रहा है। आम नागरिक अब यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या यातायात के नियम केवल आम आदमी के लिए हैं? क्या सत्ता पक्ष के रसूखदारों के लिए कानून के मायने बदल जाते हैं?

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RAHUL

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।

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