कोंच में गहराया बिजली संकट: सिंचाई के अभाव में सूख रही फसलें, आक्रोशित किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन): जनपद जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की बदहाली को लेकर अन्नदाताओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है। भीषण गर्मी और सिंचाई के पीक सीजन में बिजली की अघोषित कटौती और जर्जर लाइनों से त्रस्त किसानों ने गुरुवार को प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के बैनर तले बड़ी संख्या में एकत्रित हुए किसानों ने दोपहर करीब 1 बजे तहसील मुख्यालय पहुंचकर उपजिलाधिकारी (SDM) ज्योति सिंह को एक ज्ञापन सौंपा और तत्काल राहत की मांग की।
फसलों पर मंडराया संकट, सूख रही है उम्मीद की ‘मूंग’
किसानों ने एसडीएम को अवगत कराया कि वर्तमान में मूंग की फसल सहित अन्य खरीफ पूर्व फसलों की सिंचाई का महत्वपूर्ण समय चल रहा है। इस समय पौधों को पर्याप्त पानी की आवश्यकता है, लेकिन विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है। किसानों का आरोप है कि पर्याप्त बिजली न मिलने से फसलें खेतों में ही सूखने की कगार पर पहुँच गई हैं। यदि अगले कुछ दिनों में आपूर्ति व्यवस्था नहीं सुधरी, तो क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ेगी, जिससे उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
बुंदेलखंड पैकेज की उड़ रही धज्जियां, जर्जर लाइनें बनीं मुसीबत
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने सरकार और विभाग को ‘बुंदेलखंड पैकेज’ की याद दिलाई। किसानों का कहना है कि इस विशेष पैकेज के तहत बुंदेलखंड के कृषि क्षेत्रों में निर्बाध और पर्याप्त बिजली सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है।
क्षेत्र की विद्युत अधोसंरचना पूरी तरह चरमरा गई है। किसानों के अनुसार:
- क्षेत्र की विद्युत लाइनें दशकों पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं।
- हल्की हवा या लोड बढ़ते ही आए दिन लाइनों में फॉल्ट हो जाते हैं।
- मरम्मत के नाम पर घंटों बिजली गुल रखी जाती है, जिससे सिंचाई कार्य पूरी तरह बाधित रहता है।
- वैध कनेक्शन होने के बावजूद किसानों को उनके हक की बिजली नहीं मिल पा रही है।
18 घंटे बिजली और बुनियादी सुधार की मांग
भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष चतुर सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में किसानों ने प्रशासन के सामने अपनी स्पष्ट मांगें रखी हैं। किसानों ने मांग की है कि कृषि फीडरों से प्रतिदिन कम से कम 18 घंटे नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, जर्जर तारों और पुराने ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदला जाए ताकि बार-बार होने वाले फॉल्ट से निजात मिल सके।
प्रशासन को दी गई बड़े आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान किसानों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उन्होंने कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन विभागीय अधिकारियों के कान पर जूँ तक नहीं रेंगी। यदि प्रशासन ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं कराया, तो किसान चुप नहीं बैठेंगे। आगामी दिनों में तहसील और उपजिलाधिकारी कार्यालय के घेराव के साथ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य रूप से अतर सिंह, प्रमोद कुमार, अभिषेक, सतीश पटेल, नमोनारायण, गोपाल, सुभाष, राहुल, रानू यादव, शत्रुधन पटेल, नीरज पटेल और देवेंद्र निरंजन सहित क्षेत्र के दर्जनों प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
एसडीएम ज्योति सिंह ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि संबंधित विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर विद्युत आपूर्ति में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों को कितनी जल्दी राहत मिलती है।







