कोंच तहसील समाधान दिवस: एसडीएम ज्योति सिंह ने सुनीं जनसमस्याएं, अवैध कब्जे की शिकायतों पर कड़े तेवर

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन): उत्तर प्रदेश शासन के मंशानुसार जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए शनिवार को जालौन जनपद की कोंच तहसील में ‘तहसील समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। दोपहर 2:00 बजे आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ज्योति सिंह ने की। इस दौरान तहसील परिसर में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे ग्रामीणों और नगरवासियों की भारी भीड़ देखने को मिली।
शिकायतों का विवरण और त्वरित निस्तारण
समाधान दिवस के दौरान कुल 19 शिकायतें आधिकारिक तौर पर दर्ज की गईं। प्रशासन द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक मामले भूमि और आपसी विवाद से जुड़े रहे। शिकायतों का श्रेणीवार विवरण इस प्रकार है:
- राजस्व विभाग: 07 मामले
- पुलिस विभाग: 03 मामले
- विकास विभाग: 02 मामले
- अन्य विभाग: 07 मामले
एसडीएम ज्योति सिंह ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही 5 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण कराया। शेष 14 प्रकरणों के लिए उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को पत्रावली सौंपते हुए एक निश्चित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
चकरोड पर कब्जे और रास्ते के विवाद ने पकड़ा तूल
जनसुनवाई में ग्राम कैलिया से आईं महिला फरियादी विद्या रानी ने भूमि विवाद का एक गंभीर मामला उठाया। उन्होंने शिकायती पत्र के माध्यम से बताया कि उनके खेत तक जाने वाले सार्वजनिक चकरोड पर कुछ दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। रास्ते के बीचों-बीच एक विशाल पेड़ खड़ा है, जिसे हटाने या काटने में ग्रामीण अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। विद्या रानी का आरोप है कि इस अवरोध के कारण किसानों को अपने ट्रैक्टर और कृषि यंत्र खेत तक ले जाने में अत्यधिक कठिनाई हो रही है, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती है।
इसी क्रम में नगर के मोहल्ला जवाहर नगर निवासी घनश्याम ने भी भू-माफियाओं के खिलाफ गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि चमरसेना रोड स्थित उनके निजी प्लॉट पर कुछ स्थानीय लोग जबरन कब्जा करने की नियत से अवैध निर्माण या हस्तक्षेप का प्रयास कर रहे हैं। विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज और मारपीट पर आमादा हो जाते हैं।
एसडीएम की सख्त हिदायत: लापरवाही पर होगी कार्यवाई
दोनों ही मामलों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ज्योति सिंह ने राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर पैमाइश करने और अवैध कब्जा हटवाने के आदेश दिए। अधिकारियों को संबोधित करते हुए एसडीएम ने स्पष्ट किया, “जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत शासन की प्राथमिकता है। किसी भी मामले को हल्के में न लिया जाए। यदि जांच में पक्षपात या निस्तारण में देरी पाई गई, तो संबंधित कर्मचारी और अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।”
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
इस समाधान दिवस में प्रशासनिक पारदर्शिता और समन्वय सुनिश्चित करने के लिए नायब तहसीलदार वैभव गुप्ता व जितेंद्र सिंह, विद्युत विभाग से एसडीओ धर्मेंद्र कुमार, राजस्व निरीक्षक सुनील यादव सहित स्वास्थ्य विभाग से सुरजीत, देवेंद्र, निरंजन और दीपक उपस्थित रहे। इसके अलावा ग्राम विकास, समाज कल्याण और सिंचाई विभाग के प्रतिनिधि भी अपनी टीम के साथ मौजूद रहे ताकि जनता को एक ही छत के नीचे अपनी समस्याओं का समाधान मिल सके।
प्रशासन की इस सक्रियता से क्षेत्र के लोगों में न्याय की उम्मीद जगी है, हालांकि चकरोड और अवैध कब्जों के पुराने मामलों का स्थायी समाधान प्रशासन के लिए एक चुनौती बना हुआ है।






