जालौन में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर खंती में पलटी निजी बस, एक महिला की मौत, 19 यात्री घायल; 7 की हालत नाजुक

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जालौन के एट कोतवाली क्षेत्र में खंती में पलटी हुई श्री राम श्याम ट्रेवल्स की बस और मौके पर जमा ग्रामीण व बचाव दल

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन) : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ शुक्रवार शाम एक तेज रफ्तार प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खंती में पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में एक अज्ञात महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बस में सवार 25 यात्रियों में से 19 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं।

कैसे हुआ हादसा: अनियंत्रित होकर खंती में गिरी बस

​मिली जानकारी के अनुसार, ‘श्री राम श्याम ट्रेवल्स’ की एक प्राइवेट बस शुक्रवार की शाम कोंच से उरई की ओर जा रही थी। बस जैसे ही एट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत उरई रोड पर स्थित हरदोई गुर्जर गांव के पास पहुँची, चालक ने अचानक वाहन से नियंत्रण खो दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस की रफ्तार काफी अधिक थी, जिस कारण चालक उसे संभाल नहीं पाया और बस लहराते हुए सड़क किनारे खंती में जाकर पलट गई। बस के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

ग्रामीणों की जांबाजी: चालक और परिचालक हुए फरार

​हादसे के तुरंत बाद इंसानियत का परिचय देते हुए पास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँच गए। बस के अंदर कई यात्री सीटों के बीच और लोहे के एंगल में फंसे हुए थे। ग्रामीणों ने पुलिस के पहुँचने से पहले ही कड़ी मशक्कत कर यात्रियों को बस से बाहर निकाला। शर्मनाक बात यह रही कि हादसे के तुरंत बाद जिम्मेदारी निभाने के बजाय बस का चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए।

राहत और बचाव कार्य: डीएम-एसपी ने संभाला मोर्चा

​घटना की गंभीरता को देखते हुए एट कोतवाली पुलिस 10 एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुँची। घायलों को त्वरित उपचार के लिए जिला अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी (DM) राजेश कुमार पांडेय, पुलिस अधीक्षक (SP) विनय कुमार सिंह, उरई एसडीएम ज्योति सिंह और कोंच उपजिलाधिकारी हेमंत पटेल ने दलबल के साथ घटनास्थल का जायजा लिया और अस्पताल पहुँचकर घायलों का हाल जाना।

घायलों की स्थिति और मृतक की पहचान

​जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे में 19 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 15 यात्रियों का इलाज राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में चल रहा है, जबकि 4 अन्य घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, 7 यात्रियों की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें सघन चिकित्सा कक्ष (ICU) में रखा गया है। 12 यात्रियों की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। हादसे में मृत महिला की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।

​घायलों में प्रमुख रूप से चांदनी, चतुर्भुज, सुशीला, दीनबंधु, अर्पित, ऋतु याज्ञिक, काजल, प्रिंस, दीप्ति, सुलेखा, कौशल्या, संध्या, आदर्श, सुरेश, नरेंद्र, रीना, आहान, नैना और सोनेलाल शामिल हैं।

जांच के घेरे में बस की फिटनेस: स्टेयरिंग फेल होने की आशंका

​प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तकनीकी खराबी और तेज रफ्तार माना जा रहा है। एआरटीओ (ARTO) मनोज लाला ने बताया कि शुरुआती संकेतों से ऐसा प्रतीत होता है कि बस की स्टेयरिंग अचानक फेल हो गई थी, जिसके कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया। परिवहन विभाग अब बस के फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहा है।

​पुलिस ने फरार चालक और परिचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर डग्गामार और निजी बसों की सुरक्षा और उनकी फिटनेस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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