मध्य पूर्व तनाव का असर: लखनऊ एयरपोर्ट से 23 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द, यात्रियों में बढ़ी चिंता

लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खड़ी अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण उड़ानें रद्द होने के बाद खाली पड़ा टर्मिनल क्षेत्र।
लखनऊ : मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारत के हवाई यातायात पर भी दिखाई देने लगा है। ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमलों तथा उसके जवाब में इस्लामिक गणराज्य द्वारा किए गए प्रतिरोधी हमलों के बाद क्षेत्र के कई देशों में हवाई क्षेत्र पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसी स्थिति के चलते लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने-जाने वाली कुल 23 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सप्ताहांत में रद्द कर दी गईं।
इन उड़ानों के रद्द होने से दुबई, अबू धाबी, शारजाह, रियाद, मस्कट और दम्माम जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी-अपनी एयरलाइन से उड़ान की ताजा स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त करें।
शनिवार और रविवार को सबसे अधिक असर
हवाई अड्डा प्रशासन के अनुसार शनिवार और रविवार को कुल 23 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुईं, जिनमें
- 12 अंतरराष्ट्रीय आगमन उड़ानें
- 11 अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान उड़ानें
शामिल हैं।
ये उड़ानें मुख्य रूप से मध्य पूर्व के प्रमुख शहरों से संचालित होती हैं, जहां इस समय क्षेत्रीय तनाव के कारण हवाई क्षेत्र में आंशिक बंदिशें लागू हैं। परिणामस्वरूप कई उड़ानों को या तो रद्द करना पड़ा या उनके मार्ग बदलने पड़े।
यात्रियों के लिए एयरपोर्ट की एडवाइजरी
लखनऊ एयरपोर्ट प्रशासन ने शनिवार को यात्रियों के लिए विशेष सूचना जारी की। इसमें कहा गया कि पश्चिम एशिया के कई अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्रों में अस्थायी प्रतिबंध लागू होने के कारण उड़ानों के संचालन पर असर पड़ सकता है।
एयरपोर्ट द्वारा जारी सूचना में कहा गया:
“यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की जांच करें और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं।”
साथ ही यात्रियों को री-शेड्यूलिंग, रिफंड या वैकल्पिक उड़ानों के लिए एयरलाइनों से संपर्क करने की भी सलाह दी गई है।
यूएई ने भी हवाई क्षेत्र पर लगाए एहतियाती प्रतिबंध
इस स्थिति के पीछे एक बड़ा कारण संयुक्त अरब अमीरात द्वारा लिया गया एहतियाती कदम भी है। यूएई के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए देश के हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद करने की घोषणा की थी।
इसके बाद दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने भी सोशल मीडिया पर यात्रियों को सलाह दी कि वे दुबई इंटरनेशनल (DXB) या दुबई वर्ल्ड सेंट्रल (DWC) की यात्रा करने से पहले अपनी एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें।
किन उड़ानों पर पड़ा सबसे अधिक असर
रद्द की गई उड़ानों में प्रमुख रूप से निम्न शहर शामिल हैं:
- दुबई
- अबू धाबी
- शारजाह
- रियाद
- मस्कट
- दम्माम
इनमें से कई उड़ानें इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों द्वारा संचालित होती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति लंबी चलती है, तो आने वाले दिनों में और अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
यात्रियों को हो रही परेशानी
उड़ानें रद्द होने से कई यात्रियों की यात्रा योजनाएं अचानक बदल गईं। खासकर वे यात्री जो खाड़ी देशों में नौकरी या व्यापार के सिलसिले में यात्रा करते हैं, उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को अपनी यात्रा को स्थगित करना पड़ा या दूसरी उड़ानों के विकल्प तलाशने पड़े।
स्थिति सामान्य होने का इंतजार
फिलहाल एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही मध्य पूर्व के हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध हटेंगे, उड़ानों का संचालन सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
तब तक यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइन अपडेट और एयरपोर्ट नोटिस पर नजर बनाए रखें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
SOURCE :इंडियन एक्सप्रेस






