विशेष रिपोर्ट: वीआईपी कल्चर को किनारे कर ई-रिक्शा की सवारी, जालौन विधायक ने पेश की सादगी की मिसाल

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जालौन के उरई में भाजपा सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा एक साधारण ई-रिक्शा में बैठकर पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम में जाते हुए, सादगी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन) :उत्तर प्रदेश की राजनीति में अक्सर नेताओं के बड़े काफिले, हूटरों की गूंज और लग्जरी गाड़ियों की चमक सुर्खियां बटोरती है, लेकिन जालौन जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने राजनीति के इस पारंपरिक ढर्रे को चुनौती दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के आह्वान को धरातल पर उतारते हुए, जालौन की सदर सीट से भाजपा विधायक गौरीशंकर वर्मा शनिवार को एक बेहद साधारण अंदाज में नजर आए। विधायक जी अपनी महंगी गाड़ियों का लंबा-चौड़ा काफिला छोड़कर एक आम ई-रिक्शा पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जिसे देखकर जनता और राजनीतिक गलियारे, दोनों दंग रह गए।

प्रशिक्षण शिविर में ‘साधारण’ एंट्री ने चौंकाया

​वाकया जालौन के जिला मुख्यालय उरई का है, जहां भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस वीआईपी कार्यक्रम में जिले के तमाम दिग्गज नेता अपनी गाड़ियों के साथ पहुंच रहे थे। इसी बीच, जब एक साधारण ई-रिक्शा मुख्य द्वार पर आकर रुका और उसमें से सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा नीचे उतरे, तो वहां मौजूद कार्यकर्ता और सुरक्षाकर्मी एक पल के लिए ठिठक गए। आमतौर पर सुरक्षा घेरे में रहने वाले विधायक को इस तरह आम आदमी की सवारी करते देख लोगों ने तत्काल अपने मोबाइल निकाल लिए और यह दृश्य कैमरे में कैद करना शुरू कर दिया।

पीएम मोदी के आह्वान को बनाया प्रेरणा का आधार

​सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जब विधायक गौरीशंकर वर्मा से इस सादगी के पीछे का कारण पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही स्पष्ट और गंभीर जवाब दिया। विधायक ने कहा:

​”हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देश को पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और ईंधन की बचत की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का ‘मिशन लाइफ’ (Mission LiFE) केवल भाषणों के लिए नहीं, बल्कि हमारे आचरण में उतारने के लिए है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरी यह नैतिक जिम्मेदारी है कि मैं खुद एक उदाहरण प्रस्तुत करूं।”

​उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि यदि नेता और वरिष्ठ अधिकारी इलेक्ट्रिक वाहनों या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे, तो आम जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी जो हम ईंधन आयात पर खर्च करते हैं।

सोशल मीडिया पर मिली सराहना, विपक्ष ने बताया ‘सियासी स्टंट’

​विधायक के इस कदम की डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जमकर तारीफ हो रही है। सोशल मीडिया यूजर्स इसे “जमीनी नेता की पहचान” और “वीआईपी संस्कृति पर प्रहार” बता रहे हैं। वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस पर बहस छिड़ गई है। भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों का कहना है कि यह विधायक की कर्तव्यनिष्ठा और सादगी को दर्शाता है।

​दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने इसे ‘पब्लिसिटी स्टंट’ करार दिया है। विपक्षी नेताओं का तर्क है कि चुनाव और राजनीतिक कार्यक्रमों के समय जनता का ध्यान खींचने के लिए इस तरह के प्रयोग किए जाते हैं। हालांकि, इन चर्चाओं के बीच आम जनता विधायक के इस व्यवहार को सकारात्मक रूप में देख रही है।

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