जालौन में पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप: पति-पत्नी पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला, डकोर पुलिस पर गंभीर धाराओं को बदलने का आरोप
रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक सनसनीखेज और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां के डकोर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चिल्ली गांव में एक घरेलू और पारिवारिक विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप धारण कर लिया। पुरानी रंजिश और पारिवारिक तनातनी के चलते एक दंपति पर उनके ही परिजनों द्वारा लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में पति-पत्नी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वहीं, अब इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली भी गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। पीड़ितों ने डकोर थाना पुलिस पर आरोपियों को बचाने और मिलीभगत करने के बेहद संगीन आरोप लगाए हैं।
पुरानी रंजिश में एक राय होकर किया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बीते 20 मई की है। चिल्ली गांव के रहने वाले पीड़ित दंपति का अपने ही परिवार के बड़े भाई और कुछ अन्य लोगों के साथ पुराना घरेलू विवाद चल रहा था। आरोप है कि घटना के दिन आरोपियों ने एक राय होकर, सोची-समझी साजिश के तहत पीड़ित पति-पत्नी को घेर लिया। इससे पहले कि पीड़ित कुछ समझ पाते, आरोपियों ने उन पर लोहे की भारी रॉड और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमला इतना बर्बर था कि दोनों लूल-लहान होकर जमीन पर गिर पड़े। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे आसपास के ग्रामीणों और पड़ोसियों ने बीच-बचाव कर किसी तरह पीड़ितों को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया और उनकी जान बचाई। ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
डकोर पुलिस पर लगा शिकायती पत्र बदलवाने का आरोप
इस खूनी संघर्ष के बाद लहूलुहान अवस्था में पीड़ित दंपति सीधे डकोर थाना पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस को लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
लेकिन, असली विवाद इसके बाद शुरू हुआ। पीड़ित दंपति का आरोप है कि डकोर थाना पुलिस ने संवेदनहीनता और पक्षपात का रवैया अपनाया। पीड़ितों का दावा है कि पुलिस कर्मियों ने दबाव बनाकर उनके मूल शिकायती पत्र (तहरीर) को बदलवा दिया। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि गंभीर चोटें आने और जानलेवा हमला होने के बावजूद पुलिस ने मामले को हल्का करने का प्रयास किया और संगीन व गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बजाय, मामूली धाराओं में एनसीआर या कमजोर केस दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर ली।
न्याय की गुहार लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित
स्थानीय थाना पुलिस से न्याय न मिलता देख और उनकी कार्यशैली से क्षुब्ध होकर पीड़ित पति-पत्नी ने जालौन के पुलिस अधीक्षक (SP) का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ितों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर एक शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने डकोर पुलिस और आरोपी पक्ष के बीच साठगांठ होने की आशंका जताई है।
”यदि समय रहते इन दबंग और हिंसक प्रवृत्ति के आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो हमारे परिवार की जान को दोबारा खतरा हो सकता है। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और हमें डरा-धमका रहे हैं।”
— पीड़ित दंपति का बयान
पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की किसी निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराई जाए, ताकि डकोर पुलिस की भूमिका की भी सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को उनके किए की सख्त सजा मिल सके। फिलहाल, इस मामले में उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद जांच के आदेश दिए जाने की उम्मीद है।






