प्लॉट की रजिस्ट्री के बाद रकम का विवाद, मौत से पहले वीडियो में न्याय की गुहार; जांच में जुटी पुलिस

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मृतक के घर के बाहर लगी भीड़

जालौन: जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सहावनाका में करीब 45 वर्षीय प्रदीप पुत्र श्रीराम की मौत के बाद मामला कई गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। परिवार का आरोप है कि प्लॉट की रजिस्ट्री और रुपये के लेनदेन को लेकर चल रहे विवाद से प्रदीप परेशान था। घटना से पहले सामने आए कुछ वीडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया है, जिनमें प्रदीप पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री से न्याय की मांग करता नजर आ रहा है।


प्रदीप की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। वह अपने पीछे पत्नी शीला, पांच बेटियां और दो बेटों को छोड़ गया है। परिजनों के आरोपों के मुताबिक, लंबे समय से चल रहा कथित आर्थिक विवाद घटना की पृष्ठभूमि में था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।


प्लॉट की रजिस्ट्री के बाद रकम को लेकर विवाद का आरोप


मृतक की पत्नी शीला का आरोप है कि इलाज के लिए लिए गए करीब ढाई लाख रुपये के लेनदेन को लेकर प्रदीप का राज बहादुर यादव से विवाद चल रहा था। परिवार का दावा है कि प्रदीप के प्लॉट की रजिस्ट्री कराए जाने के बावजूद कथित बकाया रकम का भुगतान नहीं किया गया।


शीला के मुताबिक, प्रदीप करीब छह लाख रुपये मिलने की बात कहकर लगातार न्याय की मांग कर रहा था। यही रकम और लेनदेन का विवाद आखिर किस स्तर तक पहुंचा, यह पुलिस की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


मौत से पहले सामने आए वीडियो ने बढ़ाए सवाल


मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी घटना से पहले सामने आए प्रदीप के कुछ वीडियो बताए जा रहे हैं। वीडियो में वह पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री से न्याय की मांग करता दिखाई देता है।


इन वीडियो के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रदीप किन परिस्थितियों में न्याय की गुहार लगा रहा था और उसके आरोपों की शिकायत संबंधित स्तर पर की गई थी या नहीं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता, उसकी पूरी पृष्ठभूमि और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।


घटना से पहले नोकझोंक की बात भी सामने आई


परिजनों के मुताबिक, घटना से पहले रात में भी रुपये के लेनदेन को लेकर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई थी। परिवार का कहना है कि आर्थिक विवाद को लेकर प्रदीप काफी परेशान था।


हालांकि, किसी व्यक्ति की मौत को केवल किसी एक विवाद से जोड़कर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। घटना के वास्तविक कारणों और विवाद में शामिल लोगों की भूमिका का निर्धारण पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकेगा।


पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शुरू की जांच


सूचना मिलने के बाद जालौन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।


पुलिस अब प्लॉट की रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज, रुपये के लेनदेन, सामने आए वीडियो और परिवार की ओर से लगाए गए धमकी समेत अन्य आरोपों की जांच कर रही है।


छह लाख रुपये के दावे से लेकर वायरल वीडियो तक, कई सवालों के जवाब बाकी


इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्लॉट की रजिस्ट्री के बाद वास्तव में कितनी रकम देय थी, रकम का भुगतान हुआ या नहीं, दोनों पक्षों के बीच विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और घटना से पहले सामने आए वीडियो की पूरी परिस्थितियां क्या थीं?


इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच, दस्तावेजी साक्ष्यों, बैंकिंग अथवा लेनदेन संबंधी रिकॉर्ड, वीडियो की सत्यता और संबंधित पक्षों के बयानों से सामने आ सकते हैं।


फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वायरल वीडियो और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को अभी आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की कोई कानूनी जिम्मेदारी बनती है या नहीं।

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