स्वतंत्रता दिवस से पूर्व जालौन में गरजा किसानों का कारवां: BKU ने निकाली विशाल ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा, अमेरिका-भारत ट्रेड डील के खिलाफ हुंकारी
उरई, जालौन: देश के आगामी 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में किसानों का आक्रोश सड़कों पर साफ तौर पर दिखाई दिया। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के आह्वान पर जिले भर से आए किसानों ने भारी संख्या में अपने ट्रैक्टरों के साथ एक विशाल ‘ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा’ निकाली। हाथों में तिरंगा थामे और अपने ट्रैक्टरों पर राष्ट्रीय ध्वज सजाए किसानों ने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए उरई स्थित जिलाधिकारी कार्यालय (कलेक्ट्रेट) तक मार्च किया। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों, विशेषकर अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
गल्ला मंडी से शुरू हुआ किसानों का हुजूम
गुरुवार को सुबह से ही जालौन की मुख्य गल्ला मंडी परिसर में किसानों का जुटना शुरू हो गया था। देखते ही देखते वहां सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर और हजारों की संख्या में किसान एकत्र हो गए। सभी किसानों के ट्रैक्टरों पर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) शान से लहरा रहा था। गल्ला मंडी से जैसे ही यह तिरंगा यात्रा शुरू हुई, पूरा शहर भारत माता की जय और किसानों के नारों से गूंज उठा। कतारबद्ध तरीके से चल रहे सैकड़ों ट्रैक्टरों के इस काफिले को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यात्रा के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे।
अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर फूटा गुस्सा
उरई कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर यह तिरंगा यात्रा एक विरोध प्रदर्शन सभा में तब्दील हो गई। किसानों ने केंद्र सरकार पर आक्रामक रुख अपनाते हुए अमेरिका और भारत के बीच हाल ही में संपन्न हुई ट्रेड डील को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। किसानों का स्पष्ट कहना था कि इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संधियां देश के छोटे और सीमांत किसानों के हितों के खिलाफ हैं। इससे स्थानीय बाजारों और कृषि आधारित आजीविका पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। किसानों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी चिंताओं को नजरअंदाज किया, तो इसका खामियाजा गंभीर होगा।
BKU राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन के तीखे तेवर
इस प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन ने मीडिया से मुखातिब होते हुए सरकार को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा:
“आज देश का किसान अपनी रोजी-रोटी और स्वाभिमान की लड़ाई लड़ रहा है। अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील से हमारे कृषि क्षेत्र को जो नुकसान पहुंचेगा, उसे भारतीय किसान यूनियन कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। सरकार किसानों को कमजोर समझने की भूल न करे।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि किसानों की मांगें और आपत्तियां समय रहते नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में और अधिक उग्र एवं बड़े स्तर पर देशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के अंत में भारतीय किसान यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को सौंपा। जिलाधिकारी ने किसानों की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी मांगों को उचित माध्यम से उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से यह तिरंगा यात्रा संपन्न हुई, लेकिन इसने प्रशासनिक गलियारों में हलचल जरूर पैदा कर दी है।






