जालौन में व्यापारी के घर भीषण लूट और जानलेवा हमला: पुलिस की निष्क्रियता पर उठे सवाल, पीड़ित ने एसपी से मांगी न्याय की भीख

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जालौन में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर न्याय की गुहार लगाता पीड़ित व्यापारी आबिद खान, हाथ में शिकायती पत्र और चेहरे पर चोट के निशान।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन (उत्तर प्रदेश)। बुंदेलखंड के जालौन जिले से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। जिले के एट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एट कस्बे में एक स्थानीय व्यापारी के घर में घुसकर बेखौफ बदमाशों द्वारा लाखों रुपये की लूटपाट, बर्बर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू स्थानीय पुलिस का रवैया रहा है, जिससे परेशान होकर पीड़ित को आखिरकार न्याय के लिए जिला मुख्यालय दौड़ना पड़ा।

​रात के अंधेरे में हथियारों से लैस बदमाशों का तांडव

​प्राप्त विवरण के अनुसार, पीड़ित व्यापारी आबिद खान ने जालौन के पुलिस अधीक्षक (SP) विनय कुमार सिंह को एक लिखित शिकायती पत्र सौंपकर अपनी आपबीती सुनाई है। शिकायती पत्र में आबिद खान ने बताया कि बीती 1 जून 2026 की रात वह अपने घर पर पूरी तरह अकेले थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे कई दबंग और अज्ञात बदमाश लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और अवैध असलहों (हथियारों) से लैस होकर उनके घर की दीवार फांदकर अंदर घुस आए। बदमाशों ने आते ही आबिद खान को बंधक बना लिया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।

​लाखों की नकदी और जेवरात पार, पीड़ित को किया कमरे में बंद

​पीड़ित व्यापारी के मुताबिक, हमलावरों ने न सिर्फ उनके साथ मारपीट की, बल्कि घर के चप्पे-चप्पे को खंगाल डाला। बदमाशों ने घर की अलमारी में रखे 50 हजार रुपये नकद, एलआईसी (LIC) की किस्त भरने के लिए रखी गई राशि, व्यापार की लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये की जमा पूंजी, पीड़ित का मोबाइल फोन और घर की महिलाओं के लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के पुश्तैनी आभूषण लूट लिए।

​वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ित को लहूलुहान हालत में एक कमरे के अंदर बंद करके बाहर से कुंडी लगाकर फरार हो गए। मोबाइल छीन जाने और कमरे में बंद होने के कारण पीड़ित रात में किसी भी प्रकार की पुलिस सहायता या अपने परिजनों को सूचना देने में पूरी तरह असमर्थ रहा।

पीड़ित का बयान: “उन्होंने मुझे जान से मारने की नीयत से पीटा और मेरी जिंदगी भर की कमाई लूट ली। जाते-जाते मुझे कमरे में बंद कर दिया ताकि मैं पुलिस को न बुला सकूं। मैं रात भर दर्द से कराहता रहा।”

​स्थानीय पुलिस पर पक्षपात और लापरवाही का गंभीर आरोप

​इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पीड़ित ने अगले दिन यानी 2 जून को किसी तरह मुक्त होकर एट कोतवाली थाना में लिखित तहरीर दी। आबिद खान का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय एट पुलिस ने मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। पीड़ित ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक दबाव या अज्ञात कारणों के चलते पुलिस पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है और उनकी शिकायत को पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब भी पीड़ित को केस वापस न लेने पर जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।

​एसपी से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की गुहार

​स्थानीय थाने से निराश होकर पीड़ित व्यापारी ने जालौन के पुलिस कप्तान विनय कुमार सिंह के समक्ष पेश होकर न्याय की गुहार लगाई है। आबिद खान ने एसपी से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से सुसंगत धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए। साथ ही, घटना की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और लूटी गई भारी-भरकम नकदी व आभूषण बरामद किए जाएं।

​इस संवेदनशील मामले में जब मीडिया ने स्थानीय पुलिस का रुख जानने का प्रयास किया, तो पुलिस का कोई भी आधिकारिक पक्ष या बयान अभी तक सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि जिला पुलिस कप्तान के हस्तक्षेप के बाद एट कोतवाली पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है।

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