जालौन: कोंच सीएचसी परिसर में खड़ी कंडम एम्बुलेंस में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी

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जालौन के कोंच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर में खड़ी एक पुरानी एम्बुलेंस में लगी भीषण आग और आसमान में उठता काला धुआं।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बड़ी और डराने वाली खबर सामने आई है। यहाँ कोंच कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर में खड़ी एक कबाड़ व खराब हो चुकी एम्बुलेंस में अज्ञात कारणों से अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी एम्बुलेंस धू-धू कर जलने लगी। अस्पताल परिसर के भीतर से उठती आग की गगनचुंबी लपटों और काले धुएं के गुबार को देखकर वहाँ मौजूद तीमारदारों, मरीजों और चिकित्सा कर्मियों में हड़कंप मच गया और परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

​अज्ञात कारणों से भड़की आग, कबाड़ वाहन आया चपेट में

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, जालौन के कोंच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पिछले हिस्से में स्वास्थ्य विभाग की एक पुरानी और कंडम हो चुकी एम्बुलेंस काफी समय से पार्क थी। आज अचानक इस खराब खड़ी एम्बुलेंस से धुएं का गुबार उठने लगा। इससे पहले कि अस्पताल का स्टाफ कुछ समझ पाता, सूखी झाड़ियों और कबाड़ के संपर्क में आने के कारण आग ने बेहद विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही मिनटों में आग की लपटों ने पूरी एम्बुलेंस को अपनी आगोश में ले लिया। गनीमत यह रही कि यह वाहन परिसर के पिछले हिस्से में खड़ा था, जिससे मुख्य ओपीडी और वार्ड सुरक्षित रहे, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

​अस्पताल स्टाफ की तत्परता और डायल 112 को सूचना

​परिसर में आग की लपटें उठती देख अस्पताल प्रशासन तुरंत एक्शन में आया। सुरक्षा के लिहाज से वार्डों में भर्ती मरीजों को सुरक्षित स्थानों की ओर स्थानांतरित करने का प्रयास किया गया ताकि वे धुएं के असर से बच सकें। इसके साथ ही, अस्पताल स्टाफ द्वारा बिना वक्त गंवाए आपातकालीन सेवा डायल 112 और स्थानीय फायर ब्रिगेड (दमकल विभाग) को घटना की लिखित व मौखिक सूचना दी गई। सरकारी अस्पताल परिसर में आग लगने की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले और दमकल केंद्र में भी खलबली मच गई।

​दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू

​सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे। उस समय तक एम्बुलेंस पूरी तरह से आग का गोला बन चुकी थी और लपटें आसपास के पेड़ों तक पहुँचने लगी थीं। फायर फाइटर्स ने तुरंत मोर्चा संभाला और पानी की तेज बौछारें डालनी शुरू कीं। दमकलकर्मियों की भारी सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है और समय रहते आग को बुझा दिया गया, जिससे अस्पताल की मुख्य इमारत और अन्य एम्बुलेंस गाड़ियां सुरक्षित बच गईं।

​सुरक्षा मानकों और लापरवाही पर उठ रहे सवाल

​हालांकि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन सरकारी अस्पताल परिसर में इस तरह अचानक आग लग जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि परिसर के पिछले हिस्से में लंबे समय से कंडम वाहन और सूखी घास मौजूद थी, जिसकी समय पर सफाई नहीं की गई। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि अत्यधिक गर्मी या शॉर्ट सर्किट की वजह से सूखी घास में चिंगारी सुलगी होगी, जिसने एम्बुलेंस को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटना के वास्तविक कारणों की जांच में जुट गई हैं।

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