जालौन में दर्दनाक हादसा: झांसी-कानपुर रेल मार्ग पर किसान की कटकर मौत, पटरी पर मिला क्षत-विक्षत शव

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन: जनपद जालौन से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। आटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत झांसी-कानपुर रेल मार्ग पर चमारी पुल के समीप ट्रेन की चपेट में आने से एक 50 वर्षीय किसान की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची।
खेत के लिए निकले थे किसान, नहीं लौटे घर
मृतक किसान की पहचान 50 वर्षीय जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, जितेंद्र बीते मंगलवार की दोपहर को अपने घर से खेत की ओर निकले थे। वे रोज की तरह अपने कृषि कार्यों में व्यस्त रहने वाले एक सामान्य किसान थे, लेकिन किसी को इस बात का भान नहीं था कि यह उनकी आखिरी यात्रा होगी। दोपहर के बाद से ही उनके घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन देर शाम तक उनका कोई सुराग नहीं मिला।
पटरियों पर मिला क्षत-विक्षत शव
बुधवार की सुबह जब स्थानीय ग्रामीणों ने चमारी पुल के पास रेलवे ट्रैक पर एक शव देखा, तो इलाके में सनसनी फैल गई। शव इतनी बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो चुका था कि उसकी पहचान करना बेहद कठिन हो गया था। बाद में ग्रामीणों ने कपड़ों और पहचान के आधार पर शव की शिनाख्त जितेंद्र कुमार के रूप में की। चश्मदीदों के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि रेल की चपेट में आने से किसान की मौके पर ही मौत हो गई और ट्रेन के गुजरने के कारण शव के कई टुकड़े हो गए।
पुलिस ने जांच शुरू की
सूचना मिलते ही आटा थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया। आटा थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला ट्रेन की चपेट में आने का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह एक हादसा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जितेंद्र कुमार की असामयिक मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनका अब रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि जितेंद्र स्वभाव से बहुत शांत और मिलनसार व्यक्ति थे।
यह घटना रेलवे ट्रैक के पास से गुजरने वाले आम लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है। अक्सर खेतों तक जाने के लिए किसान और ग्रामीण रेल पटरियों को पार करते हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है। प्रशासन और रेलवे विभाग को ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं को रोका जा सके।






