जालौन को मुख्यमंत्री योगी की 1275 करोड़ की सौगात: 374 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, विपक्ष पर जमकर बरसे सीएम
रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन) : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को जालौन जनपद के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने जिला खेल मैदान (डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ग्राउंड) में आयोजित एक भव्य और विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए जनपद को कुल 1275 करोड़ रुपये की लागत वाली 374 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इन सभी परियोजनाओं का एक साथ लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को सहायता और प्रमाण पत्र वितरित किए, जिससे पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह का माहौल देखने को मिला।
वित्तीय सहायता और कल्याणकारी योजनाओं का वितरण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 13 करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये की बड़ी धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित की। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों को उनके पक्के आवासों की चाबियां सौंपी गईं तथा मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की लाभान्वित बालिकाओं और महिलाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने जालौन की अधिष्ठात्री जालौन वाली माता, एट बैरागढ़ की शारदा माता, महर्षि वेदव्यास और पावन जलवान ऋषि का स्मरण एवं नमन किया। उन्होंने कहा कि जालौन और कालपी अपनी गौरवशाली परंपरा, अद्वितीय वीरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए पूरे देश में विख्यात हैं। कालपी का पारंपरिक कागज और यहाँ की मटर आज जनपद की विशिष्ट पहचान बन चुकी है, जबकि पचनदा का संगम इस क्षेत्र की अनमोल प्राकृतिक धरोहर है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना के माध्यम से कालपी के हस्तशिल्प और कागज उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।
बुंदेलखंड का कायाकल्प: दस्यु क्षेत्र से औद्योगिक गलियारे तक
बुंदेलखंड के अतीत और वर्तमान पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब इस पूरे अंचल को दस्यु प्रभावित और अत्यंत पिछड़ा क्षेत्र माना जाता था, जिसके कारण यहाँ के युवाओं को रोजी-रोटी के लिए पलायन को विवश होना पड़ता था। उन्होंने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जिन लोगों की अदूरदर्शी और स्वार्थी नीतियों के कारण बुंदेलखंड दशकों तक बदहाली का शिकार रहा, आज वही लोग जनता के बीच घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।
आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इस क्षेत्र की नई जीवनरेखा बन चुका है और ‘बीडा’ (Bundelkhand Industrial Development Authority) के माध्यम से औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिल रही है, जिसका सीधा लाभ जालौन को मिल रहा है। कभी सूखे और अंधेरे की मार झेलने वाला यह क्षेत्र अब सौर ऊर्जा परियोजनाओं के जरिए जगमगाने लगा है। हर घर जल योजना के तहत तेजी से कार्य हो रहे हैं और जालौन की रंगौली ग्राम पंचायत इसका जीवंत उदाहरण है, जो शत-प्रतिशत गरीबी रेखा से ऊपर उठ चुकी है।
कानून व्यवस्था और माफिया राज पर जीरो टॉलरेंस की नीति
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़े शब्दों में कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश से माफिया राज को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। भू-माफिया, बालू माफिया, केटल माफिया और अन्य सभी अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। उन्होंने दो टूक कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। नीट परीक्षा लीक प्रकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में संलिप्त पाए जाने वाले 47 अधिकारियों को एक साथ बर्खास्त कर उनकी अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए आजीवन कारावास जैसी सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।
विपक्ष पर तीखा हमला और डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में बुंदेलखंड के विकास का पैसा बेरहमी से लूटा जाता था। विकास के नाम पर केवल भ्रष्टाचार और डकैती का खेल चलता था, और जनता का धन सैफई के फिल्मी आयोजनों पर बहाया जाता था। इसके विपरीत, आज डबल इंजन सरकार में वही पैसा पूरी ईमानदारी से जनता के कल्याण और प्रदेश के निर्माण में लगाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रदेश में माताएं और बहनें पूरी तरह सुरक्षित हैं, व्यापारी बिना किसी भय के अपना कारोबार कर रहे हैं और समाज का हर वर्ग शासन की योजनाओं का लाभ उठा रहा है। उत्तर प्रदेश तेजी से देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और बुंदेलखंड इस विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।






