जालौन में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर प्रशासन सख्त: डीएम राजेश कुमार पांडेय ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, दिए कड़े निर्देश
रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी क्रम में जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी (DM) राजेश कुमार पांडेय ने उरई स्थित जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और अस्पताल प्रशासन में अफरातफरी का माहौल देखा गया। डीएम के इस अचानक दौरे का मुख्य उद्देश्य मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं, साफ-सफाई और दवाओं की उपलब्धता का जायजा लेना था।
ओपीडी और दवा वितरण केंद्र का लिया जायजा
निरीक्षण की शुरुआत में जिलाधिकारी सीधे जिला अस्पताल की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) पहुंचे। वहां उन्होंने डॉक्टरों की उपस्थिति पंजीयन (Attendance Register) की जांच की और मरीजों की लंबी लाइनों को देखते हुए व्यवस्थाओं को और सुचारू बनाने के निर्देश दिए। इसके पश्चात, उन्होंने दवा वितरण कक्ष का निरीक्षण किया। डीएम ने काउंटर पर मौजूद फार्मासिस्टों से दवाओं के स्टॉक, जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मुफ्त मिलने वाली औषधियों के वितरण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मरीज को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए।
वार्डों में जाकर मरीजों से की सीधी बातचीत
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों के पास जाकर सीधे संवाद किया और उनसे मिल रहे इलाज, भोजन, और अन्य सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। कई मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी समस्याएं भी जिलाधिकारी के सामने रखीं, जिस पर डीएम ने तुरंत संज्ञान लिया।
मरीजों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मौके पर मौजूद मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) और अन्य चिकित्सकों को निर्देशित किया कि वार्डों में भर्ती हर एक मरीज के स्वास्थ्य पर पैनी नजर रखी जाए और उन्हें समय पर उच्च गुणवत्ता का इलाज मुहैया कराया जाए।
डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों को दी सख्त हिदायत
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने अस्पताल के सभागार में चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक की। बैठक में उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम राजेश कुमार पांडेय (बाइट):
“जिला अस्पताल में आने वाले हर गरीब और जरूरतमंद मरीज को शासन की मंशानुरूप बेहतर और समयबद्ध इलाज मिलना चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर चिकित्सीय लापरवाही या दवाओं की कमी पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और चिकित्सकों के खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से अस्पताल कर्मियों में हड़कंप जरूर मचा है, लेकिन आम जनता और तीमारदारों ने प्रशासन के इस कदम की जमकर सराहना की है। लोगों को उम्मीद है कि इस प्रकार के निरीक्षणों से जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा।






