अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास 71वें प्राकट्योत्सव में शामिल हुए। धार्मिक, राम मंदिर, काशी-मथुरा और समकालीन राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।
पचोखराधाम(जालौन) : जालौन के पचोखरा धाम में आयोजित स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती के 71वें प्राकट्योत्सव में अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास जी महाराज शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सनातन धर्म, हिंदू संस्कृति, राम मंदिर, काशी-मथुरा समेत कई समकालीन धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी।
महंत राजूदास ने कहा कि आज सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति पर खुलकर चर्चा की जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय धार्मिक विषयों पर बोलने वालों पर कार्रवाई होती थी, जबकि वर्तमान समय में समाज में संवाद और बहस का वातावरण बना है।
राम मंदिर का उल्लेख करते हुए महंत ने कहा कि मंदिर निर्माण न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से संभव हुआ। उन्होंने काशी और मथुरा से जुड़े मंदिर विवादों पर भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने और समाज में शांतिपूर्ण संवाद की आवश्यकता बताई।
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद पर उन्होंने चोरी के दावों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की बात कही। साथ ही मंदिर की व्यवस्थाओं में संत समाज की भूमिका बढ़ाने की भी पैरवी की।
कार्यक्रम के दौरान महंत राजूदास ने समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव तथा अतीक, आजम और मुख्तार से जुड़े पोस्टरों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अपराधी का मूल्यांकन उसके अपराध के आधार पर होना चाहिए और अपने राजनीतिक विचार भी व्यक्त किए।
पचोखरा धाम में दिए गए इन बयानों के बाद जिले में धार्मिक और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।







