उरई (जालौन): जनपद जालौन में आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) संजय कुमार ने कलेक्ट्रेट परिसर से जनपद के 40 प्रशिक्षुओं/स्वयंसेवकों को आपदा मित्र प्रशिक्षण के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सभी स्वयंसेवक राज्य आपदा मोचन बल, लखनऊ के लिए भेजे गए हैं, जहां उन्हें विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित स्वयंसेवकों को 12 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें उन्हें विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं से निपटने की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को बाढ़, भूकंप, आकाशीय बिजली, जल में डूबने की घटनाएं, अग्निकांड, सर्पदंश सहित अन्य आपात परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने तथा प्रभावित लोगों को सुरक्षित बचाने के तरीके सिखाए जाएंगे। इसके साथ ही प्राथमिक उपचार, राहत एवं बचाव कार्य, त्वरित प्रतिक्रिया और आपदा के समय समन्वय की भी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे भविष्य में आपात स्थितियों के दौरान ये स्वयंसेवक प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर सकें।इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, जिला आपदा विशेषज्ञ अचल श्रीवास्तव, आपदा लिपिक जयंत तिवारी तथा मोहित श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षित आपदा मित्र भविष्य में जनपद में आपदा प्रबंधन की मजबूत कड़ी साबित होंगे।
आपदा मित्र प्रशिक्षण के लिए 40 स्वयंसेवक लखनऊ रवाना, आपदा से निपटने की मिलेगी विशेष ट्रेनिंग






