उप जिलाधिकारी बूढ़नपुर चन्द्र प्रकाश सिंह जांच अधिकारी नामित, 21 अक्टूबर तक गवाह और प्रत्यक्षदर्शी बयान दर्ज करा सकेंगे।
आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शम्भूपुर में हुए ट्रिपल मर्डर और पुलिस एनकाउंटर मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार उप जिलाधिकारी बूढ़नपुर चन्द्र प्रकाश सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्होंने घटना के संबंध में गवाहों और प्रत्यक्षदर्शियों से बयान दर्ज कराने की अपील की है।
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश से मिली जानकारी के अनुसार 22 सितंबर 2026 को शाम करीब पांच बजे ग्राम शम्भूपुर में अरविन्द सिंह ने अपने घर में हो रही महामृत्युंजय पूजा से क्षुब्ध होकर अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से फायरिंग कर दी थी। फायरिंग में उसकी पत्नी बबिता, महेन्द्र प्रसाद पाठक पुत्र स्व. सुदामा पाठक निवासी इब्राहिमपुर और अखिलेश मिश्रा पुत्र स्व. लालधर मिश्रा निवासी छतौना आछेपुर की मौत हो गई थी।
इसके बाद अरविन्द सिंह अपने तीन बच्चों के साथ खुद को घर में बंद कर लिया था। सूचना पर वाराणसी जोन और जिले के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी को समझाकर सरेंडर कराने का प्रयास किया, लेकिन वह धमकी दे रहा था कि जैसे तीन लोगों को मारा है, वैसे ही अपने तीनों बच्चों को भी गोली मार देगा।
23 सितंबर की रात 12:50 बजे बंद कमरे से गोली चलने और बच्चों के चीखने-रोने की आवाज आई। बच्चों की जान को खतरे में देखते हुए पुलिस ने दरवाजा तोड़ने का फैसला किया। दरवाजा टूटते ही आरोपी ने पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया था।
उप जिलाधिकारी बूढ़नपुर ने बताया कि घटना की मजिस्ट्रियल जांच उनके द्वारा की जा रही है। जो भी ग्रामवासी या प्रत्यक्षदर्शी लिखित या मौखिक बयान देना चाहते हैं, वे 21 अक्टूबर 2026 तक किसी भी कार्य दिवस में तहसील स्थित न्यायालय/कार्यालय में पहुंचकर अपना बयान दर्ज करा सकते हैं।






