डीएम की सख्त चेतावनी: जनवरी अंत तक हर घर पहुंचे पानी, सड़कों की मरम्मत में न हो देरी

उरई (जालौन): जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने ‘जल जीवन मिशन’ की समीक्षा बैठक के दौरान कड़े तेवर अपनाते हुए अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को दोटूक निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य निर्देश और समय-सीमा
- सड़क पुनर्निर्माण: जनपद में पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई 1600 किमी सड़कों में से 330 किमी का कार्य अभी भी अधूरा है। डीएम ने जीवीपीआर और बीजीसीसी एजेंसियों को 31 जनवरी तक हर हाल में सड़कों को पूर्ववत करने का अल्टीमेटम दिया है।
- बाधित जलापूर्ति: पिछले चार महीनों से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण कुरकुरू, करथरा, गुढ़ा, सिमरिया, टीहर, धन्जा और गिरथान जैसे गांवों में पानी की सप्लाई ठप है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनवरी के भीतर इन सभी गांवों में मरम्मत कर निर्बाध आपूर्ति बहाल की जाए।
- बिजली समस्या का समाधान: लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए ‘कोटा मुस्तकिल योजना’ को स्वतंत्र फीडर से जोड़ने और सहाव, धनौरा कलां समेत कई क्षेत्रों के ट्रांसफॉर्मरों में 2 दिन के भीतर विद्युत आपूर्ति शुरू करने के आदेश दिए गए।
भविष्य के लिए नई रणनीति
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में आपसी समन्वय की कमी पर नाराजगी जाहिर करते हुए नई व्यवस्था लागू करने को कहा:
प्राक्कलन में बदलाव: अब से किसी भी पुलिया या कल्वर्ट निर्माण के एस्टीमेट (प्राक्कलन) में पाइपलाइन शिफ्टिंग के खर्च को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
व्हाट्सएप वर्क प्लान: लोक निर्माण विभाग (PWD) खुदाई से पहले प्रतिदिन अपना वर्क प्लान व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करेगा ताकि पाइपलाइन को नुकसान न पहुंचे।
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