डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब की हुंकार: विधायक द्वारा पत्रकार पर FIR दर्ज कराने के विरोध में एकजुट हुए कोंच के कलमकार

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कोंच के सरोजिनी नायडू पार्क में डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब की मासिक बैठक के दौरान एकजुटता प्रदर्शित करते पत्रकार और पदाधिकारी

रिपोर्ट : राहुल,जालौन।UP SAMVAD

कोंच (जालौन): लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर बढ़ते प्रहार और पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों के हनन के विरुद्ध जालौन के कोंच में आक्रोश की ज्वाला भड़क उठी है। रविवार को स्थानीय सरोजिनी नायडू पार्क में आयोजित ‘डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब तहसील इकाई कोंच’ की मासिक बैठक में पत्रकारों ने सत्ता और शासन के दबाव में की जा रही दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है।

बैठक की अध्यक्षता और मुख्य एजेंडा

​तहसील अध्यक्ष अंजनी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में सबसे पहले पिछली बैठक की कार्यवाही की समीक्षा की गई और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सक्रिय पत्रकार नितिन याज्ञिक के विरुद्ध सदर विधायक द्वारा उरई में दर्ज कराई गई एफआईआर रही। बैठक का कुशल संचालन महामंत्री राजेंद्र यादव ने किया, जिसमें तहसील के दर्जनों पत्रकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

विधायक की कार्रवाई पर गहरा रोष

​बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एक पत्रकार का धर्म जनहित के मुद्दों को उठाना और सच्चाई को समाज के सामने लाना है। यदि किसी खबर के प्रकाशन से क्षुब्ध होकर जनप्रतिनिधि सीधे एफआईआर का रास्ता चुनते हैं, तो यह सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटने जैसा है।

​पत्रकारों ने एक सुर में कहा कि सदर विधायक द्वारा पत्रकार नितिन याज्ञिक के खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई न केवल अनुचित है, बल्कि यह मीडिया जगत को डराने का एक प्रयास है। सदन में उपस्थित सदस्यों ने इस घटना की तीखी निंदा की और विधायक के इस कदम को तानाशाही पूर्ण रवैया करार दिया।

जिला नेतृत्व पर अटूट विश्वास और आगामी रणनीति

​बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि कोंच तहसील इकाई इस लड़ाई में अकेली नहीं है। सभी पत्रकारों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज राजा के हर निर्णय और उनके नेतृत्व में तहसील इकाई का बच्चा-बच्चा कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ा रहेगा।

​तहसील अध्यक्ष अंजनी श्रीवास्तव ने जोर देते हुए कहा:

​”पत्रकारों का उत्पीड़न अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि शासन और प्रशासन ने पत्रकारों के प्रति अपना रवैया नहीं बदला, तो यह विरोध केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जिला मुख्यालय से लेकर प्रदेश स्तर तक एक बड़े आंदोलन का रूप दिया जाएगा।”

पत्रकारिता की गरिमा की रक्षा का संकल्प

​बैठक के समापन पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे पत्रकारिता की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे। पत्रकारों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि वे निष्पक्ष जांच के बिना किसी भी पत्रकार के विरुद्ध दमनकारी कार्रवाई का हिस्सा न बनें।

​इस अवसर पर तहसील इकाई के समस्त पदाधिकारी, वरिष्ठ सदस्य और क्षेत्र के सक्रिय पत्रकार बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से पत्रकार एकता के नारे लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए।

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