ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस की सुरक्षा और पारदर्शिता सर्वोपरि: जिलाधिकारी ने किया मासिक निरीक्षण

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई, जालौन: भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के कड़े निर्देशों के अनुपालन में जालौन के जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्यालय स्थित ईवीएम (EVM) तथा वीवीपैट (VVPAT) वेयरहाउस का गहन मासिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य आगामी निर्वाचन प्रक्रियाओं की सुचिता सुनिश्चित करना और तकनीकी व सुरक्षा मानकों की समीक्षा करना था।
सुरक्षा प्रोटोकॉल और लॉग-बुक का गहन परीक्षण
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने वेयरहाउस प्रथम एवं द्वितीय का स्थलीय निरीक्षण करते हुए वहां तैनात सुरक्षा बलों और उपलब्ध संसाधनों का जायजा लिया। उन्होंने वेयरहाउस के प्रवेश और निकास द्वारों की सीलिंग प्रक्रिया के साथ-साथ ‘ईवीएम लॉग-बुक’ का भी सूक्ष्मता से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभिलेखों के संधारण (Maintenance of Records) को देखा और जहां आवश्यक था, वहां अपनी महत्वपूर्ण टिप्पणियां भी दर्ज कीं।
उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा और पारदर्शिता के मामले में किसी भी स्तर पर ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य होगी।
24×7 सीसीटीवी निगरानी की समीक्षा
सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी के कक्ष में स्थापित सीसीटीवी मॉनीटरिंग सिस्टम का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्क्रीन पर वेयरहाउस के विभिन्न कोणों से आ रही लाइव फीड को देखा और बैकअप व्यवस्था की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वेयरहाउस की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि कोई भी संदिग्ध गतिविधि न हो सके। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को चौबीसों घंटे चाक-चौबंद रहने के निर्देश दिए।
एसआईआर शिकायतों का त्वरित निस्तारण अनिवार्य
निरीक्षण की इस कड़ी में जिलाधिकारी ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत आ रही शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला निर्वाचन कार्यालय में स्थापित ‘डिस्ट्रिक्ट कॉन्टेक्ट सेंटर’ और एसआईआर हेल्प डेस्क का दौरा कर वहां कार्यरत कर्मचारियों से शिकायतों की प्रकृति और उनके निस्तारण की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा, “जनता द्वारा दर्ज कराई गई हर शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। निस्तारण के बाद संबंधित आवेदक को उसकी स्थिति से अवगत कराना भी सुनिश्चित करें।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निर्वाचन संबंधी सेवाओं में आम जनमानस को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारी
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान तलहा मजहर (ईवीएम सहायक) सहित जिला निर्वाचन कार्यालय के अन्य प्रमुख अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से विभाग में हड़कंप की स्थिति रही, वहीं दूसरी ओर चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर प्रशासन की गंभीरता भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।






