जालौन: घर के भीतर फंदे से लटका मिला 32 वर्षीय युवक का शव, हत्या या आत्महत्या? जांच में जुटी फॉरेंसिक टीम

उरई (जालौन): जनपद के आटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम करमेर में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक 32 वर्षीय युवक का शव उसके ही घर के बंद कमरे में फंदे से लटकता हुआ पाया गया। युवक की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, परिजनों में कोहराम मच गया और ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। घटना की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
घटना का विवरण और पहचान
मृतक की पहचान 32 वर्षीय मंजीत अहिरवार के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय हरिश्चंद्र अहिरवार के पुत्र थे। जानकारी के अनुसार, मंजीत गांव स्थित अपने पैतृक मकान में अकेले रह रहे थे। उनकी पत्नी प्रियंका बच्चों के साथ उरई में निवास करती हैं। बताया जा रहा है कि बुधवार की दोपहर तक जब मंजीत के घर में कोई हलचल नहीं हुई, तो उनके चाचा प्रेमचंद्र, जो खेत से काम करके लौटे थे, उन्हें देखने पहुंचे।
चाचा प्रेमचंद्र ने जैसे ही कमरे का दरवाजा खोला, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मंजीत का शरीर पंखे के कुंदे से रस्सी के सहारे लटका हुआ था। उन्होंने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण वहां पहुंचे और पुलिस को इस भयावह मंजर की सूचना दी गई।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
सूचना मिलते ही आटा थाना पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध नजर आने पर उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया, जिसके बाद फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी गांव बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने कमरे के भीतर से उंगलियों के निशान (Fingerprints), फंदे की ऊंचाई, और आसपास बिखरे सामान की बारीकी से जांच की। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था या नहीं, ताकि किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता का पता लगाया जा सके।
मौत की गुत्थी और संदिग्ध परिस्थितियां
मंजीत की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि मंजीत शांत स्वभाव के थे, लेकिन अकेले रहने के कारण वह मानसिक तनाव में थे या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और हालिया गतिविधियों को भी खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत से पहले वह किसके संपर्क में थे।
वहीं, पत्नी का उरई में रहना और मंजीत का गांव में अकेले रहने के पीछे के पारिवारिक कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। क्या यह वास्तव में आत्महत्या है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है, यह फिलहाल एक पहेली बना हुआ है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
आटा थाना प्रभारी ने बताया कि शव को फंदे से उतारकर पंचनामा भरा गया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा, “हम सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत का वास्तविक समय और कारण क्या था। यदि परिजनों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त होती है, तो उसके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
फिलहाल, गांव में इस घटना के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजन किसी भी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं। पुलिस की जांच अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों पर टिकी है।
मुहम्मद साजिद (मुख्य संस्थापक सीईओ), UP Samvad | उत्तर प्रदेश आधारित स्वतंत्र डिजिटल समाचार मंच। जनहित, तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों के साथ समाचारों के जिम्मेदार प्रकाशन हेतु प्रतिबद्ध।






