जालौन: मतदाता पुनरीक्षण-2026 को लेकर डीएम व एसपी की राजनीतिक दलों संग अहम बैठक; अब तक प्राप्त हुए 42 हजार से अधिक आवेदन

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): भारतीय लोकतंत्र की नींव को सुदृढ़ करने और आगामी निर्वाचन प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जनपद जालौन में ‘विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026’ (SIR-2026) का अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के शुद्धिकरण और नए मतदाताओं के पंजीकरण को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जनपद के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।
नामावली की उपलब्धता और पारदर्शी प्रक्रिया
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि प्रकाशित आलेख्य निर्वाचक नामावलियां पूरी तरह सार्वजनिक हैं। जनसामान्य की सुविधा के लिए ये सूचियां प्रत्येक मतदेय स्थल पर संबंधित बीएलओ (BLO) के पास, तहसील कार्यालयों, जिला निर्वाचन कार्यालय और आधिकारिक पोर्टल https://jalaun.nic.in पर उपलब्ध करा दी गई हैं। डिजिटल सुगमता को प्राथमिकता देते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी इसे अपलोड किया गया है, ताकि कोई भी नागरिक अपने नाम की पुष्टि कर सके।
पंजीकरण के आंकड़ों ने पकड़ी रफ्तार, युवाओं पर फोकस
प्रशासन द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पुनरीक्षण अभियान के दौरान अब तक कुल 42,769 फॉर्म-6 (नए नाम सम्मिलित करने हेतु) प्राप्त हुए हैं। लोकतंत्र के भविष्य यानी युवाओं की भागीदारी उत्साहजनक है, जिसमें 18 से 20 आयु वर्ग के 9,991 आवेदन शामिल हैं। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण की झलक दिखाते हुए 20,642 महिला मतदाताओं ने भी पंजीकरण के लिए आवेदन किया है।
हालांकि, जिलाधिकारी ने कुछ क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम पंजीकरण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से नवविवाहित महिलाओं और ऐसे युवा जो पहली बार मतदाता बनने की श्रेणी में आए हैं, उनसे तत्काल फॉर्म-6 भरने की भावुक अपील की।
अशुद्धियों पर प्रहार: ASD और डुप्लीकेट वोटर्स पर होगी कार्रवाई
निर्वाचन नामावली को त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठा रहा है। डीएम ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार ‘नो-मैपिंग’ और ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ (तार्किक विसंगति) की श्रेणी में आने वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
”हमारी प्राथमिकता एक ऐसी मतदाता सूची तैयार करना है जिसमें कोई भी मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट (ASD श्रेणी) मतदाता शामिल न हो। इसके लिए पारदर्शी तरीके से सुनवाई की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।” – राजेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प खुले
नागरिकों को जागरूक करते हुए बताया गया कि फॉर्म-6 (नाम जोड़ना), फॉर्म-7 (नाम हटाना) और फॉर्म-8 (संशोधन) जमा करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल https://voters.eci.gov.in का उपयोग किया जा सकता है। बैठक के दौरान 07 फरवरी से 24 फरवरी 2026 तक प्राप्त आवेदनों की सूची भी राजनीतिक प्रतिनिधियों को सौंपी गई, ताकि वे अपने स्तर पर भी सत्यापन कर सकें।
इन दिग्गजों की रही उपस्थिति
लोकतांत्रिक संवाद के इस मंच पर विभिन्न दलों के प्रमुख चेहरे मौजूद रहे, जिनमें भाजपा से शांतिस्वरूप, सपा से राजीव शर्मा, बसपा से भगवती शरण पांचाल, कांग्रेस से अरविंद सेंगर, अपना दल (एस) से अनिल कुदारी और आम आदमी पार्टी से विनय चौरसिया शामिल थे। प्रशासन ने सभी दलों से इस महाभियान में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की है।

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।






