जालौन पुलिस का बड़ा एक्शन: कोंच में कानून से छिप रहे वारंटियों पर कसा शिकंजा, तीन गिरफ्तार

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन): जनपद जालौन के कोंच क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाकर लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस की सक्रियता का परिचय देते हुए मंगलवार को अलग-अलग मामलों में वांछित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इन अभियुक्तों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज थे और लंबे समय से ये न्यायालय की कार्यवाही से गैरहाजिर चल रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराध जगत में हड़कंप मच गया है।
कानूनी शिकंजे में तीन आरोपी
कोतवाली पुलिस द्वारा की गई इस संयुक्त कार्रवाई में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने के गंभीर आरोप थे।
- दयाराम का पुराना मामला: ग्राम कौशलपुर निवासी दयाराम, जो पुत्र ताती कुशवाहा है, को उप-निरीक्षक (SI) रामवीर सिंह के नेतृत्व में गिरफ्तार किया गया। दयाराम के खिलाफ वर्ष 1997 में दफा 7/16 के तहत मामला दर्ज किया गया था। वह पिछले कई दशकों से इस मामले में कानूनी कार्यवाही से बच रहा था।
- गैंग्स्टर एक्ट में वांछित: पुलिस ने दूसरी बड़ी सफलता हासिल करते हुए आजाद नगर, कोंच निवासी विनचुक उर्फ इसरार, पुत्र सुलेमान को गिरफ्तार किया। आरोपी पर 2/3 गैंग्स्टर एक्ट के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज था। उप-निरीक्षक शिवनारायण ने उसे हिरासत में लिया।
- आबकारी एक्ट का आरोपी: इसके अलावा, महिला उप-निरीक्षक भारती सिंह ने ग्राम अंडा निवासी रामकुमार ठीमर, पुत्र लालता प्रसाद को गिरफ्तार किया। आरोपी के विरुद्ध वर्ष 2018 में आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया था।
न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों अभियुक्त संबंधित मुकदमों में न्यायालय द्वारा जारी तारीखों पर पेश नहीं हो रहे थे, जिसके चलते न्यायालय ने उनके खिलाफ वारंट जारी किए थे। ये सभी लंबे समय से पुलिस की नजरों से बचकर अपनी गिरफ्तारी से भाग रहे थे। पुलिस की इस दबिश के बाद तीनों को हिरासत में लेकर तत्काल न्यायालय में पेश कर दिया गया है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की सख्ती
इस गिरफ्तारी के संबंध में कोंच कोतवाली के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून का राज स्थापित करना पुलिस की प्राथमिकता है। ‘वारंटी’ बनकर कानून को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई न केवल लंबित पड़े मामलों के निस्तारण में सहायक होगी, बल्कि उन अपराधियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है जो अदालती आदेशों की अनदेखी करते हैं।
जालौन पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में स्थानीय स्तर पर पुलिस लगातार ऐसे अभियान चला रही है ताकि न्यायालय में लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा हो सके। पुलिस की इस तत्परता की क्षेत्र में सराहना की जा रही है और पुलिस प्रशासन ने आगे भी अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करने की बात दोहराई है।







