जालौन की बेटियों का लखनऊ में परचम: ‘मेरे बदलाव की कहानी’ में सम्मानित हुईं जनपद की पांच छात्राएं

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): जनपद जालौन ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी धाक जमाई है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के विशेष अवसर पर राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘प्रगति-2026’ कार्यक्रम में जालौन की पांच बेटियों ने न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है। ‘मेरे बदलाव की कहानी’ शीर्षक से आयोजित मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में इन छात्राओं की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को यदि सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो वे आसमान छूने का माद्दा रखती हैं।
’आत्मसम्मान से समानता तक’ का संकल्प
लखनऊ के विभूति खंड, गोमती नगर स्थित ‘दयाल गेटवे’ में समग्र शिक्षा अभियान, बेसिक शिक्षा विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में इस गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘आत्मसम्मान से समानता तक’ रखा गया था, जो बालिकाओं में आत्मविश्वास और लैंगिक समानता की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्रित था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह उपस्थित थे, जबकि अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक) पार्थ सारथी सेन शर्मा की विशेष उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और बढ़ा दिया।
इन छात्राओं ने रचा इतिहास
प्रतियोगिता ‘मेरे बदलाव की कहानी’ में अपनी लेखनी और विचारों से प्रभावित करने वाली जालौन की पांच छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली छात्राओं में शामिल हैं:
- प्राची शर्मा: (यूपीएस औरेखी)
- पार्वती: (यूपीएस करसान)
- प्राची श्रीवास्तव: (यूपीएस चाकी)
- गुंजन: (केजीबीवी मडोरा)
- पूनम: (केजीबीवी मडोरा)
इन छात्राओं की सफलता इस बात का प्रमाण है कि बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चे आज किसी से पीछे नहीं हैं।
मार्गदर्शक शिक्षिकाओं का भी हुआ सम्मान
बालिका शिक्षा के प्रति समर्पण केवल छात्राओं तक सीमित नहीं रहा। इस मिशन को धरातल पर उतारने और छात्राओं को उत्कृष्ट दिशा देने के लिए शिक्षा विभाग की धुरी बनीं शिक्षिकाओं को भी राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया। डीसी बालिका नैना सेंगर, जिला नोडल डॉ. ममता स्वर्णकार, मास्टर ट्रेनर डॉ. कल्पना श्रीवास्तव तथा सुगमकर्ता डॉ. वंदना गुप्ता को उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का फल है, बल्कि यह जिले की शिक्षा व्यवस्था के प्रति उनके निष्ठापूर्ण प्रयासों की सराहना है।
प्रशासन और शिक्षा विभाग में खुशी की लहर
कार्यक्रम के दौरान महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी, वरिष्ठ विशेषज्ञ राजेश शाही, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक श्याम किशोर तिवारी और राज्य सलाहकार सरिता सिंह की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक प्रेरणादायक बनाया।
इस उपलब्धि पर जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) चंद्रप्रकाश एवं डीसी आजादशत्रु ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि, “हमारी छात्राओं की यह जीत जिले के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए प्रेरणा है। यह शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों का प्रतिफल है।” उन्होंने सम्मानित शिक्षिकाओं और छात्राओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार की सक्रियता और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।
जालौन की इन बेटियों की उपलब्धि न केवल इनके संघर्षों को सम्मान देती है, बल्कि अन्य बालिकाओं को भी आगे बढ़ने का हौसला प्रदान करती है।







