जालौन पुलिस की बड़ी कामयाबी: 38 मुकदमों वाले दो शातिर अंतरजनपदीय चोर गिरफ्तार, लाखों की नगदी व जेवरात बरामद

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन। जनपद में बढ़ रही चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के अभियान में जालौन पुलिस को रविवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने घेराबंदी कर दो ऐसे शातिर अपराधियों को दबोचा है, जिनके खिलाफ विभिन्न जनपदों के थानों में हत्या के प्रयास, लूट और चोरी जैसे लगभग 38 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में नगदी, जेवरात और मोबाइल फोन बरामद किया है, जो हाल ही में क्षेत्र में हुई चोरियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
चेकिंग के दौरान बिरिया खेड़ा मार्ग पर हुई गिरफ्तारी
घटनाक्रम के अनुसार, 15 मार्च 2026 की सुबह क्षेत्राधिकारी (CO) जालौन शैलेंद्र बाजपेई के निर्देशन में कोतवाली पुलिस अपराध नियंत्रण और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए चेकिंग अभियान चला रही थी। प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम बिरिया खेड़ा हनुमान मंदिर के पास तैनात थी। तभी प्रतापपुरा की ओर से आ रहे दो संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें हनुमान मंदिर से करीब 500 मीटर पहले ही धर दबोचा।
अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास
पकड़े गए आरोपियों की पहचान शातिर अपराधियों के रूप में हुई है। इनमें पहला अभियुक्त रोशनलाल उर्फ बड़े उर्फ धीरेन्द्र (35 वर्ष) है, जो मूल रूप से कानपुर देहात के रूरा क्षेत्र का निवासी है और वर्तमान में औरैया के तिलकनगर में रह रहा था। रोशनलाल पर औरैया और जालौन समेत कई जिलों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के 18 मुकदमे दर्ज हैं।
दूसरा अभियुक्त दीपक उर्फ दीपू (25 वर्ष) ग्राम गहेसर, दिबियापुर (औरैया) का रहने वाला है। दीपक का आपराधिक रिकॉर्ड और भी चौंकाने वाला है; उसके खिलाफ कानपुर देहात, औरैया और जालौन के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, एनडीपीएस एक्ट, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट के 20 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं।
लाखों की नगदी और जेवरात बरामद
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने जालौन कोतवाली और कालपी क्षेत्र में की गई कई बड़ी चोरियों की बात स्वीकार की है। पुलिस ने इनके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- नगदी: ₹1,31,400 (एक लाख इकतीस हजार चार सौ रुपये)।
- जेवरात: चोरी किए गए सोने-चांदी के विभिन्न आभूषण।
- इलेक्ट्रॉनिक्स: एक कीमती मोबाइल फोन।
पुलिस टीम की सराहना और आगामी कार्रवाई
सीओ शैलेंद्र बाजपेई ने बताया कि ये दोनों आरोपी बेहद शातिर किस्म के हैं और अंतरजनपदीय स्तर पर गिरोह बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। इनकी गिरफ्तारी से क्षेत्र में चोरी की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और चोरी का माल ठिकाने लगाने वाले नेटवर्क की तलाश कर रही है। दोनों अभियुक्तों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया गया है।
इस सफल ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम की उच्चाधिकारियों ने सराहना की है और क्षेत्र में गश्त और सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।







