सनसनी: जालौन के पुलिस प्रशिक्षण स्कूल में सूबेदार ने पेड़ से लटककर की आत्महत्या, विभाग में मचा हड़कंप

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कालपी/ (जालौन)। जनपद के कालपी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मंगरोल स्थित पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (PTS) से रविवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ तैनात एक सूबेदार ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से पूरे पुलिस महकमे और प्रशिक्षण केंद्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
परिसर में पेड़ से लटका मिला शव

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान बाबूराम (पुत्र कल्लू) के रूप में हुई है, जो पिछले लगभग दो वर्षों से मंगरोल स्थित पुलिस प्रशिक्षण स्कूल में सूबेदार के पद पर तैनात थे। रविवार की सुबह जब सहकर्मी अपने नित्य कार्यों के लिए निकले, तो उन्होंने बाबूराम का शव परिसर में एक पेड़ से फंदे के सहारे लटका हुआ देखा। यह मंजर देखते ही प्रशिक्षण स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में अन्य सहकर्मियों ने उन्हें फंदे से नीचे उतारा और गंभीर अवस्था में तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कालपी ले गए।
चिकित्सकों ने घोषित किया मृत, अवसाद की आशंका
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक रामजीलाल ने बताया कि जब सूबेदार बाबूराम को अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। प्राथमिक परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए कालपी कोतवाली पुलिस को सूचित किया गया।
प्रशिक्षण स्कूल में उनके साथ काम करने वाले कुछ सहकर्मियों ने दबी जुबान में बताया कि बाबूराम पिछले कुछ दिनों से काफी शांत और गुमसुम नजर आ रहे थे। प्रारंभिक चर्चाओं में उनके मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) में होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि बिना किसी ठोस प्रमाण या सुसाइड नोट के आत्महत्या की वास्तविक वजह बताना जल्दबाजी होगी।
परिजन पहुंचे मौके पर, गांव में मातम
बताया जा रहा है कि सूबेदार बाबूराम मूल रूप से जनपद फतेहपुर के बिंदकी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम महमूदपुर के निवासी थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई और वे तत्काल जालौन के लिए रवाना हो गए। घर के मुखिया की अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जांच में जुटी पुलिस और फॉरेंसिक टीम
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या कार्यस्थल पर किसी प्रकार का दबाव था या कोई पारिवारिक समस्या आत्महत्या का कारण बनी। विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय की पुष्टि हो सकेगी।
यह घटना एक बार फिर पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और काम के दबाव जैसे गंभीर मुद्दों पर सवालिया निशान लगाती है। फिलहाल, पूरे पुलिस प्रशिक्षण स्कूल में शोक की लहर व्याप्त है।







