​जालौन: सड़क हादसों में अब नहीं जाएगी जान, जल्द लागू होगी ‘कैशलेस उपचार योजना’; 1.5 लाख तक का होगा मुफ्त इलाज

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उरई में कैशलेस उपचार योजना के प्रशिक्षण के दौरान गूगल मीट के माध्यम से जानकारी देतीं सीओ ट्रैफिक अर्चना सिंह और एनएचएआई अधिकारी।

उरई (जालौन): सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले व्यक्तियों के लिए केंद्र सरकार की एक बेहद राहत भरी योजना जल्द ही धरातल पर उतरने वाली है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी “सड़क दुर्घटना पीड़ितों की कैशलेस उपचार योजना” को जालौन जनपद में प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। सोमवार को कार्यालय क्षेत्राधिकारी (यातायात) उरई द्वारा एनआईसी कार्यालय से गूगल मीट के माध्यम से एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

07 दिनों तक 1.5 लाख रुपये का मुफ्त उपचार

​प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीओ ट्रैफिक अर्चना सिंह ने योजना के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि सड़क हादसे में घायल प्रत्येक पीड़ित को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 07 दिनों तक त्वरित इलाज मिलेगा। इसके लिए प्रति दुर्घटना 1.5 लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सीमा निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि यह सुविधा न केवल सरकारी अस्पतालों में, बल्कि पैनल में शामिल निजी चिकित्सालयों (Private Hospitals) में भी प्राप्त की जा सकेगी।

‘गोल्डन ऑवर’ में मिलेगा जीवनदान

​यातायात निरीक्षक (T.I.) वीर बहादुर ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अक्सर दुर्घटना के बाद शुरुआती समय (गोल्डन ऑवर) में इलाज न मिलने के कारण घायल की मौत हो जाती है। कई बार आर्थिक तंगी या परिजनों के मौके पर न होने से अस्पताल भर्ती करने में देरी होती है। टीआई ट्रैफिक ने स्पष्ट किया कि यह योजना मोटर वाहन से होने वाली सभी प्रकार की सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी। इसका एकमात्र उद्देश्य सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाना है।

पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद देशव्यापी शुरुआत

​अधिकारियों ने जानकारी दी कि देश के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था, जिसके परिणाम अत्यंत उत्साहजनक रहे हैं। इसी सफलता को देखते हुए जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस योजना को संपूर्ण भारत में एक साथ लागू किया जाएगा। योजना के तहत लाभार्थियों को अस्पताल में भर्ती होते समय किसी भी प्रकार का अग्रिम भुगतान (Advance Payment) नहीं करना होगा।

एनएचएआई और पुलिस प्रशासन का समन्वय

​प्रशिक्षण कार्यक्रम में एनएचएआई (NHAI) जालौन की ओर से सजल गुप्ता (DIO), पंकज कुमार (ADIO) और प्रवीण कुमार ने तकनीकी पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को योजना के क्रियान्वयन और लाभार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया समझाई। बैठक के अंत में अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस योजना से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव आएगा और कई अनमोल जानें बचाई जा सकेंगी।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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