मोहल्ला उमरारखेरा निवासी युवक ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद गंभीर संक्रमण और मवाद की समस्या होने पर उच्चस्तरीय जांच व कार्रवाई की मांग की है।
उरई (जालौन) : जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के कालपी रोड स्थित कान्हा अस्पताल में इलाज के दौरान कथित लापरवाही और मरीज से अधिक धनराशि वसूले जाने का मामला सामने आया है। मोहल्ला उमरारखेरा निवासी अमन मोहन ने जिलाधिकारी समीर को शिकायती पत्र सौंपकर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की गुहार लगाई है।
शिकायतकर्ता अमन मोहन के अनुसार, उन्होंने अपनी करीब 55 वर्षीय माता रमाकान्ती देवी को पेट दर्द की शिकायत पर 24 फरवरी 2026 को इस अस्पताल में भर्ती कराया था। जांच में पित्त की थैली में पथरी बताई गई और 26 फरवरी को ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद भी दर्द बना रहा। 17 मार्च को दोबारा जांच कराने पर फिर से पथरी होने की बात सामने आई, जिसके बाद मरीज को झांसी के एक अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सक द्वारा कथित तौर पर पथरी के कुछ कण व टुकड़े निकाले जाने की बात कही गई।
परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के स्थान पर संक्रमण और मवाद की समस्या उत्पन्न हो गई। एमआरआई में गहरा संक्रमण सामने आने के बाद 14 जुलाई को गांठ का दोबारा ऑपरेशन कराया गया, लेकिन शिकायत के मुताबिक कुछ समय बाद फिर गांठ बन गई। अमन मोहन के अनुसार आज तक घाव पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है और लगातार मवाद निकलने तथा दर्द की समस्या बनी हुई है। साथ ही, अस्पताल पर दवाएं व अन्य सामग्री बाहर से मंगवाने और बिल उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, इलाज के खर्च की भरपाई, क्षतिपूर्ति तथा मरीज का सरकारी मेडिकल कॉलेज में समुचित उपचार कराने की मांग की है। इसके अलावा अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने और दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई की भी मांग की गई है। इस मामले में महिला के पति हरिमोहन और पुत्र अमन मोहन की ओर से बाइट भी दी गई है।






