साजिश या हादसा? समथर से लापता एसी मिस्त्री का जालौन की नहर में मिला शव, सिर पर चोट के निशान

मृतक अफसर की फाइल फोटो
रिपोर्ट- मुहम्मद साजिद, जालौन| UP SAMVAD
समथर(झांसी): उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद अंतर्गत समथर थाना क्षेत्र से चार दिनों से लापता एक युवक की कहानी का बेहद दर्दनाक अंत हुआ। पिछले चार दिनों से जिस युवक की तलाश में परिजन दर-दर भटक रहे थे, उसका लहूलुहान शव पड़ोसी जनपद जालौन के नदीगांव थाना क्षेत्र की एक नहर में उतराता हुआ मिला। युवक के चेहरे और सिर पर चोट के गहरे निशान हत्या की ओर साफ इशारा कर रहे हैं, वहीं उसकी बाइक और मोबाइल का गायब होना मामले को और अधिक संदिग्ध बना रहा है।
पार्टी के नाम पर घर से निकला था अफसर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झांसी के समथर कस्बे की नई बस्ती निवासी 28 वर्षीय अफसर पुत्र मोहम्मद सत्तार पेशे से एसी (AC) मिस्त्री था। परिजनों ने बताया कि बीती 8 फरवरी की शाम लगभग 5 बजे अफसर अपने कुछ दोस्तों के साथ पार्टी करने की बात कहकर घर से निकला था। शाम तक सब सामान्य था, लेकिन जब देर रात तक वह घर नहीं लौटा, तो परिवार की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन लगातार स्विच ऑफ आता रहा।
4 दिनों का अंतहीन इंतजार और फिर मिली खौफनाक खबर
अफसर के घर न लौटने पर परिजनों ने पूरी रात उसे रिश्तेदारों और उसके दोस्तों के पास तलाशा, मगर कहीं कोई सुराग नहीं मिला। थक-हारकर परिजनों ने अगले दिन समथर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस और परिवार लगातार उसकी तलाश में जुटे थे। इसी बीच गुरुवार दोपहर जालौन जिले के नदीगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत सीकरी गांव के पास ग्रामीणों ने कन्हरी नहर में एक अज्ञात शव को बहते हुए देखा। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और सूचना मिलते ही नदीगांव पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पानी से बाहर निकलवाया।
लहूलुहान चेहरा और हत्या की आशंका
शव की शिनाख्त होते ही मृतक के परिवार में चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, अफसर का शव देखने में काफी भयावह लग रहा था। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और चेहरा खून से सना हुआ था। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अफसर जिस बाइक से गया था, वह और उसका कीमती मोबाइल फोन अब तक बरामद नहीं हुए हैं। मृतक के चचेरे भाई शकील राईन और अन्य परिजनों ने सीधा आरोप लगाया है कि अफसर की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को नहर में फेंक दिया गया।
पुलिस की थ्योरी और आगे की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि, शुरुआती जांच में पुलिस इसे दुर्घटना की नजर से भी देख रही है, लेकिन परिजनों के आक्रोश और शरीर पर मौजूद चोटों ने पुलिसिया जांच पर दबाव बढ़ा दिया है।
अधिकारियों का पक्ष: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौत डूबने से हुई है या चोट लगने से। जिन दोस्तों के साथ वह पार्टी में गया था, उनकी कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं। बाइक और मोबाइल की बरामदगी के लिए गोताखोरों और सर्विलांस टीम की मदद ली जा रही है।”
इस घटना ने एक बार फिर युवाओं के बीच बढ़ते अपराध और संदिग्ध पार्टियों पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की तफ्तीश पर टिकी हैं कि क्या अफसर वाकई किसी साजिश का शिकार हुआ या यह महज एक हादसा था।
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