झपकी बनी काल: डकोर में ट्रैक्टर पलटने से युवा चालक की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ डकोर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत शुक्रवार की अलसुबह एक भीषण सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। सुबह की एक मामूली सी ‘नींद की झपकी’ एक 25 वर्षीय युवक के लिए काल बन गई। मटर की फसल की तुड़ाई के लिए मजदूरों को लेने जा रहे चालक का ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसके नीचे दबने से उसकी जान चली गई।
घटना का विवरण: आखिर क्या हुआ उस सुबह?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान मोहना गांव निवासी संजय (25 वर्ष), पुत्र दयाशंकर के रूप में हुई है। शुक्रवार की सुबह जब पूरा इलाका कोहरे और ठंड की चादर में लिपटा था, संजय अपनी दिनचर्या के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर घर से निकला था। वर्तमान में क्षेत्र में मटर की कटाई और तुड़ाई का सीजन जोरों पर है, जिसके लिए उसे मजदूरों को लेकर खेत पर पहुंचना था।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, संजय अभी गांव के पास ही पहुँचा था कि अचानक उसे नींद का एक तेज झोंका आया। पलक झपकते ही ट्रैक्टर की रफ्तार बेकाबू हो गई और वाहन सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा पलटा। हादसा इतना भयावह था कि भारी-भरकम ट्रैक्टर पूरी तरह से पलट गया और संजय उसके स्टीयरिंग और इंजन के बीच के हिस्से में बुरी तरह फंस गया।
ग्रामीणों की मदद और अस्पताल में संघर्ष
जैसे ही ट्रैक्टर पलटने की तेज आवाज आई, आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर दौड़े। स्थिति अत्यंत गंभीर थी क्योंकि संजय ट्रैक्टर के लोहे के मलबे के नीचे दबा हुआ था। ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास और कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। आनन-फानन में परिजनों को सूचित किया गया और गंभीर रूप से घायल संजय को लेकर लोग राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई भागे।
अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने के लिए आपातकालीन उपचार शुरू किया। उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन अंदरूनी चोटें इतनी गहरी थीं कि इलाज के दौरान संजय ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर चीख-पुकार से गूंज उठा।
परिवार का इकलौता सहारा था संजय
संजय की असामयिक मृत्यु ने मोहना गांव में मातम पसरा दिया है। बताया जा रहा है कि वह अपने परिवार का मुख्य आधार स्तंभ था। खेती-किसानी के साथ-साथ वह ट्रैक्टर चलाकर अपने माता-पिता और परिवार का भरण-पोषण करता था। ग्रामीणों ने बताया कि वह एक मेहनती और मिलनसार युवक था। उसकी मौत के बाद से मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है, उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा।
पुलिस की कार्रवाई और प्रशासनिक बयान
हादसे की सूचना मिलते ही डकोर कोतवाली पुलिस ने मौके का मुआयना किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
डकोर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजय पांडेय ने मामले की जानकारी देते हुए बताया:
”प्रारंभिक जांच और मौके की स्थिति को देखकर यह स्पष्ट होता है कि हादसा संभवतः तेज रफ्तार और चालक को अचानक नींद की झपकी आने के कारण हुआ है। ट्रैक्टर सड़क से उतरकर असंतुलित हुआ और पलट गया। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
सावधानी ही बचाव है
यह दुर्घटना हमें एक बार फिर आगाह करती है कि वाहन चलाते समय जरा सी लापरवाही या थकान कितनी घातक हो सकती है। विशेषकर सुबह के समय और लंबी ड्यूटी के दौरान चालकों को पर्याप्त आराम की सलाह दी जाती है, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
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