स्वास्थ्य जगत में जालौन का गौरव: डॉ. प्रदीप राजपूत को मिला जनपद में प्रथम स्थान, मण्डलायुक्त ने किया सम्मानित

UPSAMVAD NEWS DESK
जालौन: जनपद के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए वर्ष 2025-26 एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अध्याय लेकर आया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) रामपुरा के अधीक्षक डॉ. प्रदीप राजपूत ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और कुशल प्रबंधन के दम पर जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक नई मिसाल पेश की है। मासिक कार्य मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के फलस्वरूप उन्हें झाँसी मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया है।
मण्डलायुक्त और अपर निदेशक ने थपथपाई पीठ
झाँसी में आयोजित एक गरिमामय सम्मान समारोह के दौरान, डॉ. सुमन (अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, झाँसी) और विमल कुमार दुबे (IAS, मण्डलायुक्त, झाँसी मण्डल) ने डॉ. प्रदीप राजपूत की सेवाओं की सराहना की। अधिकारियों ने डॉ. राजपूत को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह के दौरान मण्डलायुक्त विमल कुमार दुबे ने कहा कि डॉ. राजपूत जैसे समर्पित अधिकारी ही सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की रीढ़ हैं, जिनके प्रयासों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं पहुँच रही हैं।
मूल्यांकन के कड़े मानकों पर उतरे खरा
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष में चिकित्सा अधिकारियों के कार्यों का सूक्ष्मता से मूल्यांकन किया जाता है। वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित मानकों में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को आधार बनाया गया था:
- मरीजों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता।
- अस्पताल की बुनियादी व्यवस्थाओं और स्वच्छता में सुधार।
- सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत, टीकाकरण आदि) का प्रभावी क्रियान्वयन।
- जनसामान्य के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही।
इन सभी कड़े मानकों पर डॉ. प्रदीप राजपूत का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा, जिसके आधार पर उन्हें पूरे जनपद में प्रथम रैंक प्रदान की गई।
संकट काल में बने रक्षक: जनसेवा का अटूट जज्बा
डॉ. प्रदीप राजपूत की यह उपलब्धि केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित नहीं है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, रामपुरा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कायाकल्प करने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है। विशेष रूप से मौसमी बीमारियों और वायरल बुखार के प्रकोप के दौरान, जब क्षेत्र में मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई थी, तब डॉ. राजपूत ने न केवल सक्रिय रूप से इलाज किया, बल्कि गांवों में जाकर लोगों को जागरूक भी किया। उनकी इसी सक्रियता के कारण क्षेत्र में बीमारी के प्रसार को समय रहते नियंत्रित किया जा सका।
प्रेरणा स्रोत बनी डॉ. राजपूत की उपलब्धि
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने कहा कि यह सम्मान डॉ. राजपूत के व्यक्तिगत समर्पण के साथ-साथ पूरे विभाग के लिए एक प्रेरणा है। इससे अन्य चिकित्सा अधिकारियों में भी बेहतर कार्य करने का उत्साह जगेगा। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि डॉ. राजपूत भविष्य में भी इसी ऊर्जा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कार्य करते रहेंगे।
क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर
रामपुरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में डॉ. राजपूत के सम्मानित होने की खबर मिलते ही खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पूर्व में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जो कमियां थीं, उन्हें डॉ. राजपूत ने अपने कार्यकाल में काफी हद तक दूर किया है। आज रामपुरा सीएचसी पर मरीजों को बेहतर इलाज और सम्मानजनक व्यवहार मिल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने उम्मीद जताई है कि डॉ. राजपूत की यह कार्यशैली आने वाले समय में जनपद जालौन को प्रदेश के स्वास्थ्य मानचित्र पर शीर्ष स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।







