कोंच: जब व्यवस्था ‘दम’ तोड़ दे! सीवर समस्या से त्रस्त नागरिकों ने आयोजित की ‘शोक सभा’, प्रशासन के फूले हाथ-पांव

कोंच (जालौन): एक तरफ जहाँ केंद्र और प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर स्वच्छता के नए कीर्तिमान स्थापित करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर कोंच नगर पालिका की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। बुधवार को नगर के पटेल नगर इलाके में विरोध प्रदर्शन का एक ऐसा नजारा दिखा जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया। पिछले दो वर्षों से सीवर की नारकीय समस्या से जूझ रहे स्थानीय निवासियों ने व्यवस्था को ‘मृत’ मानकर सीवर टैंक की बाकायदा ‘शोक सभा’ आयोजित कर डाली।
दो साल का दर्द और अनोखा तंज
पटेल नगर स्थित चंदकुआ से बाजार की ओर जाने वाली व्यस्त गली के निवासी पिछले 24 महीनों से गंदगी के साये में जीने को मजबूर हैं। इलाके की सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। सड़कों पर लगे चैंबरों से निकलता मलयुक्त गंदा पानी न केवल मुख्य मार्ग पर तालाब बना रहा है, बल्कि इससे उठने वाली भीषण दुर्गंध ने लोगों का घरों में बैठना और सांस लेना तक दूभर कर दिया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका प्रशासन और जलकल विभाग के चक्कर काट-काटकर अपने जूते घिस दिए, लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। अंततः प्रशासन की इस ‘कुंभकर्णी नींद’ और ‘संवेदनहीनता’ को देखते हुए लोगों ने गांधीवादी तरीके से तंज कसते हुए यह प्रतीकात्मक शोक सभा आयोजित की।
हड़कंप मचते ही मौके पर दौड़ीं एसडीएम
दोपहर के समय जब सीवर टैंक के पास लोगों ने मातम मनाना और शोक सभा करना शुरू किया, तो इसकी सूचना बिजली की तरह पूरे शहर में फैल गई। सोशल मीडिया के माध्यम से खबर आला अधिकारियों तक पहुँची, जिससे हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ज्योति सिंह तत्काल दलबल के साथ मौके पर पहुँचीं।
एसडीएम ने देखा कि किस तरह गंदगी के कारण पूरी गली नरक में तब्दील हो चुकी है। आक्रोशित नागरिकों ने एसडीएम को घेर लिया और दो टूक कहा कि इस गंदगी की वजह से बच्चों और बुजुर्गों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
अधिकारियों को कड़ी फटकार और आश्वासन
नागरिकों के गुस्से को जायज ठहराते हुए एसडीएम ज्योति सिंह ने मौके से ही नगर पालिका और जल संस्थान के अधिकारियों को फोन पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- सीवरेज लाइन की तत्काल सफाई कराई जाए और लीकेज को बंद किया जाए।
- प्राथमिकता के आधार पर नई लाइन या मरम्मत का कार्य शुरू कर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
- सफाई कर्मियों की विशेष टीम लगाकर सड़क पर जमा गंदगी को तुरंत हटाया जाए।
एसडीएम के कड़े रुख और जल्द कार्रवाई के लिखित आश्वासन के बाद स्थानीय नागरिकों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त किया। हालांकि, लोगों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में धरातल पर बदलाव नहीं दिखा, तो वे नगर पालिका कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
बड़ा सवाल: कब तक मिलेगा समाधान?
पटेल नगर की यह घटना यह बताने के लिए काफी है कि कोंच नगर पालिका में भ्रष्टाचार या लापरवाही की जड़ें कितनी गहरी हैं। अब देखना यह होगा कि एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद विभाग वास्तव में जागता है या यह आश्वासन भी पिछले दो सालों की तरह महज एक ‘कागजी झुनझुना’ बनकर रह जाएगा।
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