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​कोंच: मालवीय नगर में ‘नारकीय’ हालात, किष्किंधा मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कीचड़ से निकलना दूभर

कोंच के मालवीय नगर में कीचड़ से भरी सड़क पर प्रदर्शन करते और एसडीएम को शिकायत देते मोहल्लेवासी।

​कोंच (जालौन): नगर पालिका प्रशासन के ‘स्वच्छ भारत’ और ‘स्मार्ट सिटी’ के दावों की पोल मोहल्ला मालवीय नगर की गलियां खोल रही हैं। यहाँ के किष्किंधा मंदिर के पास रहने वाले सैकड़ों नागरिक लंबे समय से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सड़क कच्ची होने और जलभराव की समस्या से त्रस्त मोहल्ले वासियों का सब्र शनिवार को जवाब दे गया। दोपहर करीब 2 बजे भारी संख्या में स्थानीय लोग ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ पहुंचे और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ज्योति सिंह को अपनी व्यथा सुनाई।

​कीचड़ और गंदे पानी के बीच गुजर रही जिंदगी

​शिकायती पत्र लेकर तहसील पहुंचे मालवीय नगर के निवासियों ने बताया कि किष्किंधा मंदिर के पास वाला मुख्य रास्ता वर्षों से कच्चा पड़ा हुआ है। आलम यह है कि नालियों का गंदा पानी निकासी न होने के कारण सड़कों पर बह रहा है, जिससे पूरी गली दलदल में तब्दील हो गई है।

​स्थानीय लोगों ने बताया कि:

  • ​श्रद्धालुओं की फजीहत: किष्किंधा मंदिर एक आस्था का केंद्र है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग दर्शन के लिए जाते हैं। कीचड़ के कारण श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है और कई बार लोग फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं।
  • ​बीमारियों का डर: सड़कों पर जमा गंदा पानी मच्छरों और बैक्टीरिया का केंद्र बन गया है। मोहल्ले में डेंगू, मलेरिया और त्वचा संबंधी संक्रामक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ है।
  • ​बच्चों और बुजुर्गों की कैद: गंदगी और फिसलन के कारण छोटे बच्चे स्कूल जाने में डरते हैं और बुजुर्गों का घरों से निकलना लगभग बंद हो गया है।

​प्रशासनिक आश्वासन: 15 दिन में माँगा जवाब

​एसडीएम ज्योति सिंह ने मोहल्ले वासियों की समस्या को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद नगर पालिका के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थान के पास की सड़क अब तक कच्ची क्यों है और जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

​एसडीएम ने तत्काल नगर पालिका परिषद कोंच को निर्देशित किया कि:

  1. ​इस समस्या का विस्तृत जवाब 15 दिन के भीतर प्रस्तुत किया जाए।
  2. ​कच्चे रास्ते को पक्का करने के लिए स्टीमेट तैयार कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
  3. ​तात्कालिक राहत के रूप में जल निकासी और सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

​स्थानीय लोगों की मांग: सिर्फ आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए

​मोहल्ले वासियों का कहना है कि वे पहले भी कई बार नगर पालिका में गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। इस बार उन्होंने एसडीएम से स्पष्ट रूप से मांग की है कि जब तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो जाता, वे प्रशासन का पीछा नहीं छोड़ेंगे। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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