​कोंच: केंद्रीय बजट 2026-27 पर छिड़ी सियासी रार; विधायक मूलचंद्र ने बताया ‘ऐतिहासिक’, विपक्ष ने ‘गरीब विरोधी’ करार देकर साधा निशाना

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कोंच के मुरली मनोहर धर्मशाला में एलईडी पर केंद्रीय बजट 2026-27 का सीधा प्रसारण देखते भाजपा विधायक मूलचंद्र निरंजन और पार्टी कार्यकर्ता।

कोंच के मुरली मनोहर धर्मशाला में एलईडी पर केंद्रीय बजट 2026-27 का सीधा प्रसारण देखते भाजपा विधायक मूलचंद्र निरंजन और पार्टी कार्यकर्ता।

कोंच(जालौन) : भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट रविवार को संसद के पटल पर रखा गया। करीब एक दशक के अंतराल के बाद यह पहला अवसर रहा जब सार्वजनिक अवकाश (रविवार) के दिन बजट पेश किया गया। इस बजट को लेकर स्थानीय स्तर पर भी भारी उत्साह और राजनीतिक सरगर्मी देखी गई। जहाँ सत्तापक्ष ने इसे विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने वाला दस्तावेज़ बताया, वहीं विपक्ष ने इसे आम आदमी की उम्मीदों पर तुषारापात करार दिया।

लाइव बजट प्रसारण: भाजपा कार्यकर्ताओं में दिखा जोश

​कोंच नगर के मुरली मनोहर धर्मशाला में विशेष व्यवस्था की गई थी, जहाँ भाजपा विधायक मूलचंद्र निरंजन ने भाजपा नगर अध्यक्ष अंजू अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बजट का सीधा प्रसारण देखा। बजट भाषण के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाओं पर कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त किया। विधायक मूलचंद्र ने इस बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व का परिणाम बताते हुए कहा कि इसमें चहुमुंखी विकास की स्पष्ट झलक दिखाई दे रही है।

विकास के बड़े दांव: विधायक ने गिनाईं उपलब्धियां

​बजट पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए विधायक मूलचंद्र निरंजन ने कहा कि यह बजट आधुनिक बुनियादी ढांचे और औद्योगिक क्रांति की नींव रखेगा। उन्होंने बजट की प्रमुख घोषणाओं को रेखांकित करते हुए कहा:

  • इंफ्रास्ट्रक्चर: देश में 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 नए जलमार्गों का निर्माण परिवहन क्षेत्र में क्रांति लाएगा।
  • स्वास्थ्य: शुगर और कैंसर की दवाओं के दामों में कटौती एक अत्यंत मानवीय और सराहनीय कदम है।
  • औद्योगिकीकरण: बायो-फार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये, बड़े टेक्सटाइल पार्क और खनिज कॉरिडोर का निर्माण युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा।
  • शहरी विकास: शहरी आर्थिक क्षेत्रों में प्रति वर्ष 5 हजार करोड़ रुपये का निवेश छोटे शहरों की सूरत बदल देगा।
  • स्वरोजगार: महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना और एसएमई के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान मध्यम वर्ग को मजबूती प्रदान करेगा।

विपक्ष का पलटवार: मंहगाई और किसान के मुद्दे पर घेरा

​दूसरी ओर, विपक्षी खेमे में इस बजट को लेकर भारी निराशा देखी गई। कांग्रेस के नगर अध्यक्ष राघवेंद्र तिवारी ने बजट को ‘कॉर्पोरेट हितैषी’ बताते हुए कहा कि इसमें गरीब परिवारों के उत्थान के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। बुनियादी सुविधाओं के नाम पर केवल आंकड़ों की बाजीगरी की गई है।

​समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष व सभासद अमित यादव ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार मंहगाई को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रही है। किसानों की आय दोगुनी करने के वादों का बजट में कहीं जिक्र नहीं है और न ही युवाओं की बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई जमीनी योजना दिखाई दे रही है। उन्होंने इस बजट को आम जनता की जेब पर बोझ डालने वाला बताया।

निष्कर्ष: जन-जन तक योजनाएं ले जाने का संकल्प

​विपक्ष के आरोपों को दरकिनार करते हुए भाजपा विधायक ने अंत में कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता केंद्र सरकार की इन जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव और घर-घर तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट जालौन और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिखेगा।

​इस अवसर पर स्थानीय स्तर पर बजट को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा की दृष्टि से नगर में सतर्कता बरती गई।

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