कोंच: पंचमुखी हनुमान मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ ‘रामकलेवा’ उत्सव

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जालौन के कोंच में पंचमुखी हनुमान मंदिर में रामकलेवा रस्म निभाती महिलाएं और सजा हुआ मंदिर परिसर।

कोंच (जालौन): जनपद जालौन के ऐतिहासिक नगर कोंच में धार्मिक आयोजनों की अटूट परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, सोमवार को प्रसिद्ध पंचमुखी हनुमान मंदिर के प्रांगण में ‘रामकलेवा’ का भव्य आयोजन किया गया। भगवान श्रीराम और माता जानकी के विवाह उपरांत आयोजित होने वाली इस पारंपरिक रस्म ने पूरे क्षेत्र को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

​इस अलौकिक उत्सव में स्थानीय महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ सनातन संस्कृति की जीवंत झांकी प्रस्तुत की।

वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से शुरुआत

​कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार सुबह मंदिर के पुजारी एवं विप्रजनों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। पूरे मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से आकर्षक रूप से सजाया गया था, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। पूजा-अर्चना के दौरान वातावरण में गूंजते ‘जय श्रीराम’ के नारों ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।

​रामकलेवा की मुख्य रस्म महिलाओं द्वारा संपन्न कराई गई। इसमें भगवान राम और माता सीता के स्वरूपों के समक्ष विशेष भोग अर्पित किया गया। महिलाओं ने मंगल गान गाते हुए प्रभु राम को कलेवा (भोजन) ग्रहण कराया, जो कि मिथिला और अवध की साझी संस्कृति का एक अभिन्न अंग है।

भजन-कीर्तन और भक्तिमय वातावरण

​उत्सव के दौरान आयोजित भजन-कीर्तन ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने ढोलक की थाप पर सोहर और बधाई गीत गाए। “अवध में राम आए हैं” और “सिया-राम की जोड़ी” जैसे भजनों पर महिलाएं झूमती नजर आईं। धार्मिक गीतों की सुमधुर लहरियों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।

​श्रद्धालु महिलाओं ने भगवान से न केवल अपने परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की, बल्कि विश्व कल्याण और सामाजिक समरसता की प्रार्थना भी की। उपस्थित महिलाओं ने बताया कि रामकलेवा का यह उत्सव हमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देता है।

सामाजिक समरसता का संदेश

​आयोजन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी सनातन परंपराओं से जोड़ना है। सामूहिक रूप से मनाए जाने वाले ये उत्सव समाज में ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाकर एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं।

​कार्यक्रम के अंत में विशाल प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और पुण्य लाभ कमाया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस धार्मिक अनुष्ठान में नगर की प्रबुद्ध महिलाओं ने सक्रिय सहभागिता की। उपस्थित प्रमुख जनों में:

  • ​गीता बसेड़िया, शांति गुप्ता, मीरा चंदेरिया, सुनीता देवी।
  • ​रानी, रेखा सोनी, सीमा, अंकिता, अलका।
  • ​शिल्पी, अर्चना, शशि अग्रवाल, शकुंतला, रामकुमारी, और सुधा।

​इनके अतिरिक्त सैकड़ों की संख्या में महिला श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक इस उत्सव के साक्षी बने।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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