कोंच: सुबरात पर इबादत के लिए दरगाह जाने का रास्ता बंद, आक्रोशित नागरिकों ने एसडीएम से लगाई गुहार

कोंच (जालौन): जनपद के कोंच नगर में ‘शब-ए-बारात’ (सुबरात) के पवित्र पर्व पर इबादत करने जा रहे श्रद्धालुओं के सामने उस समय विकट स्थिति उत्पन्न हो गई, जब स्थानीय राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (GGIC) के प्रबंधन द्वारा मुख्य गेट को बंद रखा गया। दरगाह तक पहुँचने का एकमात्र मार्ग स्कूल के भीतर से होने के कारण मुस्लिम समाज के लोग इबादत करने से वंचित रह गए। इस समस्या को लेकर मोहल्ला मालवीय नगर के दर्जनों नागरिकों ने तहसील मुख्यालय पहुँचकर प्रभारी उपजिलाधिकारी (एसडीएम) वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता को एक शिकायती पत्र सौंपा और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
परंपरा और मार्ग का अभाव: वर्षों पुराना है इतिहास
शिकायतकर्ताओं का तर्क है कि मोहल्ला मालवीय नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के परिसर में एक प्राचीन दरगाह स्थित है। यह दरगाह कॉलेज भवन के निर्माण से भी पहले से वहां मौजूद है। क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय के लोग दशकों से यहाँ सुबरात और अन्य धार्मिक अवसरों पर इबादत और दुआख्वानी के लिए जाते रहे हैं।
मोहल्ला निवासी इमरान खान, इरफान, रिजवान और समीर आदि ने प्रशासन को अवगत कराया कि जब इस कॉलेज का निर्माण हुआ था, तब दरगाह तक पहुँचने के लिए किसी वैकल्पिक या स्वतंत्र रास्ते की व्यवस्था नहीं की गई थी। चूँकि दरगाह कॉलेज परिसर के भीतर घिरी हुई है, इसलिए वहां तक पहुँचने का एकमात्र ज़रिया स्कूल का मुख्य प्रवेश द्वार ही है।
तालाबंदी से उपजा रोष, प्रशासन के द्वार पहुँचे नागरिक
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सुबरात के मौके पर लोग जब सुबह इबादत के लिए दरगाह पहुँचने लगे, तो उन्होंने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लटका पाया। काफी प्रयास के बाद भी जब गेट नहीं खुला, तो श्रद्धालुओं में निराशा और रोष व्याप्त हो गया। नागरिकों का कहना है कि यह उनकी आस्था का विषय है और त्योहार के दिन उन्हें अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करने से रोकना उचित नहीं है।
प्रभारी एसडीएम वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता को सौंपे गए शिकायती पत्र में मांग की गई है कि विद्यालय प्रशासन को निर्देशित कर गेट खुलवाया जाए ताकि पर्व की मर्यादा बनी रहे और लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपनी इबादत पूरी कर सकें।
प्रशासनिक आश्वासन और समाधान की उम्मीद
शिकायत सुनने के बाद प्रभारी एसडीएम वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने राजस्व और शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों से इस विषय में जानकारी लेने की बात कही है। प्रशासन का प्रयास है कि शिक्षा संस्थान की सुरक्षा और धार्मिक आस्था के बीच एक मध्य मार्ग निकाला जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार के गतिरोध की स्थिति उत्पन्न न हो।
फिलहाल, क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है, लेकिन मोहल्ले वासियों की नज़रें अब प्रशासन की कार्यवाही पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले समय में भी इस प्रकार की बाधाएं उत्पन्न होती रहेंगी।

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।






