ऑपरेशन कन्विक्शन: 13 साल पुराने आर्म्स एक्ट मामले में आरोपी को 2 साल की जेल, जालौन पुलिस की सटीक पैरवी लाई रंग

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ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 13 साल पुराने आर्म्स एक्ट मामले में आरोपी को सजा, जालौन पुलिस की प्रभावी पैरवी को दर्शाता प्रतीकात्मक दृश्य

उरई (जालौन): अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुँचाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ (Operation Conviction) को जालौन में एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आर्म्स एक्ट के एक आरोपी को दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

क्या था मामला?

​यह मामला 3 मार्च 2013 का है, जब उरई कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर फारुख खां (निवासी: ग्राम कुकुरगांव) को पकड़ा था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से दुनाली बंदूक के चार जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 41 भादवि और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

वैज्ञानिक साक्ष्य और त्वरित पैरवी

​पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के निर्देशन में इस पुराने मामले को प्राथमिकता पर लिया गया।

  • समयबद्ध चार्जशीट: विवेचना के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाते हुए मात्र एक महीने के भीतर 26 अप्रैल 2013 को न्यायालय में आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल कर दिया गया था।
  • सशक्त पैरवी: अभियोजन पक्ष, डीजीसी (क्रिमिनल) और कोर्ट पैरोकार की निरंतर मेहनत और गवाहों की प्रभावी गवाही के चलते आरोपी को बच निकलने का मौका नहीं मिला।

न्यायालय का फैसला

​मामले की सुनवाई के बाद माननीय न्यायालय ने आरोपी फारुख खां को दोषी करार देते हुए निम्नलिखित सजा सुनाई:

2,000 रुपये का अर्थदंड (जुर्माना)।

2 वर्ष का सश्रम कारावास (कठोर कारावास)।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local & Police Sources

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