कोंच: ‘सप्तशक्ति संगम’ में गूंजी महिला सशक्तिकरण की आवाज, समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर जोर

कोंच (जालौन): सरस्वती शिशु मंदिर/शिशु वाटिका मंडी परिसर में विद्या भारती के तत्वावधान में ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने समाज में स्त्री-पुरुष की समानता और महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता पर बल दिया।
समाज विकास के लिए ‘नारी शक्ति’ अनिवार्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गीता देवी स्वर्णकार ने कहा कि एक सशक्त समाज के निर्माण के लिए स्त्री और पुरुष दोनों की समान भागीदारी जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिले बिना समाज का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है।
प्रेरणा पुंज: लक्ष्मीबाई से अहिल्याबाई तक
मुख्य वक्ता के रूप में जालौन की प्रधानाचार्या आनंदीबाई हर्षे, जिला संयोजिका सुनीता शर्मा और क्षेत्रीय बालिका शिक्षा प्रमुख अर्चना अवस्थी ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने उपस्थित महिलाओं को रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती और अहिल्याबाई होल्कर के जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज की नारी को हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानना होगा।
विशिष्ट महिलाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान घरेलू जिम्मेदारियों के साथ-साथ समाज और परिवार में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया:
- सम्मानित महिलाएं: रेखा गिरवासिया, रन्नो देवी, राजकुमारी सोनी, नंदिनी कुशवाहा और निधि सिंघल।
- विद्यालय परिवार की ओर से उपस्थित सभी महिलाओं का पट्टिकाएं पहनाकर स्वागत किया गया।
प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व नगर पालिका चेयरपर्सन विनीता सीरौठिया रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में संतोषी सिंह, मधु गुप्ता, कृष्णा झा, मीना गुप्ता व किरण बुधौलिया मंचासीन रहीं। विद्यालय की प्रधानाचार्या आभा तिवारी ने अतिथियों का परिचय कराया, जबकि कार्यक्रम की रूपरेखा साधना और निवेदिता द्वारा प्रस्तुत की गई।






