उरई में भू-माफियाओं के साम्राज्य पर चला ‘बाबा का बुलडोजर’: 34 हजार वर्ग मीटर की अवैध प्लॉटिंग जमींदोज, हड़कंप

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): जनपद में अवैध निर्माण और बिना अनुमति के कॉलोनी काटने वाले भू-माफियाओं के विरुद्ध जिला प्रशासन और उरई विकास प्राधिकरण (ODA) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिलाधिकारी व उरई विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजेश कुमार पाण्डेय के कड़े निर्देशों पर शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान लगभग 34,210 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैले अवैध साम्राज्य को मिट्टी में मिला दिया गया।
भारी पुलिस बल के साथ गरजा बुलडोजर
विकास प्राधिकरण के सचिव परमानंद यादव के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने झांसी रोड और रामराजा पैलेस के सामने मोर्चा संभाला। प्राधिकरण की इस अचानक हुई कार्रवाई से भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों के अनुसार, इन स्थलों पर बिना ले-आउट पास कराए और नियमों को ताक पर रखकर प्लॉटिंग की जा रही थी।
इन बड़े भूखंडों पर हुआ एक्शन
ध्वस्तीकरण की इस बड़ी कार्रवाई में मुख्य रूप से तीन बड़े स्थलों को निशाना बनाया गया:
- झांसी रोड क्षेत्र: यहाँ जलील मंसूरी एवं अन्य द्वारा लगभग 2,900 वर्ग मीटर में की गई अवैध प्लॉटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
- मुख्य मार्ग संलग्न क्षेत्र: प्रेम नारायण गुप्ता एवं अन्य द्वारा लगभग 12,510 वर्ग मीटर भूमि पर बिना ले-आउट स्वीकृत कराए निर्माण कार्य और प्लॉटिंग की जा रही थी, जिसे बुलडोजर की मदद से ढहा दिया गया।
- रामराजा पैलेस के सामने: यहाँ सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जहाँ रामकुमार राजपूत, अब्दुल जलाल, जुल्फिकार अहमद, मनोज कुमार और कृष्ण मुरारी द्वारा संयुक्त रूप से लगभग 20,500 वर्ग मीटर में अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी। प्राधिकरण ने यहाँ भी कठोरता दिखाते हुए ध्वस्तीकरण सुनिश्चित किया।
इसके अतिरिक्त, नया पटेल नगर में पूनम खरे द्वारा किए जा रहे एक अवैध निर्माण को मौके पर ही सील कर दिया गया और उसे पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया।
नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी: सचिव का कड़ा संदेश
सचिव परमानंद यादव ने स्पष्ट किया कि उरई विकास प्राधिकरण के अंतर्गत किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या भवन निर्माण से पूर्व उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-14 के तहत मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग इस कानून का उल्लंघन करेंगे, उन पर अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत नोटिस, सीलिंग, भारी जुर्माना और ध्वस्तीकरण के साथ-साथ कानूनी अभियोजन की कार्रवाई भी की जाएगी।
”शहर का विकास सुनियोजित तरीके से हो, इसके लिए ले-आउट प्लान (तलपट मानचित्र) स्वीकृत कराना आवश्यक है। बिना अनुमति के प्लॉटिंग करने वाले न केवल कानून तोड़ रहे हैं, बल्कि शहर के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।” – परमानंद यादव, सचिव, ODA
आम जनता के लिए विशेष अपील
प्राधिकरण ने भूखंड खरीदने की योजना बना रहे आम नागरिकों के लिए भी एक परामर्श जारी किया है। अधिकारियों ने अपील की है कि किसी भी अवैध प्लॉटिंग में पैसा न लगाएं। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमोदित ले-आउट वाले क्षेत्र में प्लॉट खरीदता है, तो भविष्य में होने वाली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और आर्थिक क्षति के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा।
मौके पर मौजूद रहा प्रशासनिक अमला
इस व्यापक अभियान के दौरान सचिव के साथ मुख्य लेखाधिकारी/जोनल अधिकारी, प्रवर्तन टीम के सदस्य, थाना कोतवाली की भारी पुलिस फोर्स और महिला पुलिस बल मुस्तैद रहा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा, जिससे भू-माफियाओं के अवैध मंसूबों पर पूरी तरह लगाम कसी जा सके

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।






