उरई: ‘व्यापार संवाद’ में बोले डीएम—व्यापारियों की समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता, विकास में बनें भागीदार

उरई (जालौन): जनपद के विकास और अर्थव्यवस्था में व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के लिए विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में ‘व्यापार संवाद’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं को सीधे सुनना और शासन की जनहितैषी योजनाओं को उन तक पहुँचाना रहा।
जीएसटी रिफॉर्म 2.0: व्यापार में सरलता और लाभ
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए जीएसटी रिफॉर्म 2.0 के फायदों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ यानी व्यापार करने में सुगमता प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया को अब बेहद सरल और पारदर्शी बना दिया गया है, ताकि व्यापारियों को अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े।
डीएम ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि जीएसटी लागू होने के बाद दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती हुई हैं और कृषि उपकरणों पर कर का बोझ कम हुआ है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं, वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों में गिरावट आने से आम जनता को राहत मिली है, जो उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास की गति को तेज कर रहा है।
व्यापारी सुरक्षा: 10 लाख का दुर्घटना बीमा
संवाद के दौरान राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजना ‘मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना’ की जानकारी दी। व्यापारियों को बताया गया कि जीएसटी पंजीकृत किसी भी व्यापारी की असमय दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
सहायक आयुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि अब तक प्रदेश में 25 ऐसे प्रकरणों में व्यापारियों के परिवारों को यह सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने व्यापारियों से अपील की कि वे स्वयं पंजीकरण कराएं और अपने साथी व्यापारियों को भी इसके लिए प्रेरित करें, जिससे वे इस सुरक्षा कवच का लाभ उठा सकें।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: लंबित न रहें समस्याएं
व्यापारियों की शिकायतों को सुनने के बाद जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापार जगत से जुड़ी किसी भी समस्या का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। व्यापारियों को बेवजह परेशान करने वाले तत्वों या प्रक्रियागत देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने भी व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन सदैव मुस्तैद है और व्यापारियों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है।
कर अदायगी से मिलेगा सम्मान और विकास
जिलाधिकारी ने व्यापारियों से समय पर और ईमानदारी से कर (Tax) जमा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कर की अदायगी न केवल प्रदेश के बुनियादी ढांचे और विकास में योगदान देती है, बल्कि यह व्यापारियों को निर्भीक होकर व्यवसाय करने का आत्मविश्वास भी प्रदान करती है। करदाता व्यापारी ही राष्ट्र के विकास की नींव हैं।
कार्यक्रम में उपस्थिति
इस संवाद कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के.के. सिंह, क्षेत्राधिकारी अर्चना सिंह, राज्य कर उपायुक्त अमित कुमार यादव, उपायुक्त उद्योग प्रभात यादव, सहायक आयुक्त आशीष मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनपद के सैकड़ों प्रतिष्ठित व्यापारी उपस्थित रहे।
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