उरई: ‘व्यापार संवाद’ में बोले डीएम—व्यापारियों की समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता, विकास में बनें सक्रिय भागीदार

उरई (जालौन): जनपद के आर्थिक विकास में व्यापारियों की रीढ़ जैसी भूमिका को स्वीकार करते हुए शनिवार को विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में ‘व्यापार संवाद’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की जमीनी समस्याओं को सुनना और सरकार की व्यापार-हितैषी नीतियों से उन्हें रूबरू कराना रहा।
जीएसटी रिफॉर्म 2.0: व्यापार करने में सुगमता और बचत
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए जीएसटी रिफॉर्म 2.0 के दूरगामी लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर प्रणाली को इतना सरल बना दिया है कि अब पंजीकरण के लिए व्यापारियों को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
डीएम ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि जीएसटी लागू होने के बाद आम आदमी और व्यापारियों, दोनों को फायदा हुआ है। उन्होंने बताया कि:
- दैनिक उपयोग की वस्तुएं: इनकी कीमतों में कमी आई है।
- कृषि क्षेत्र: खेती-किसानी के उपकरणों पर टैक्स का बोझ कम हुआ है।
- स्वास्थ्य सेवा: इलाज और चिकित्सा सुविधाओं में पारदर्शिता और लाभ मिला है।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल: वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतें घटने से बाजार में तेजी आई है।
मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना: 10 लाख का सुरक्षा कवच
संवाद के दौरान राज्य कर विभाग के उपायुक्त अमित कुमार यादव और सहायक आयुक्त आशीष मिश्रा ने व्यापारियों को सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से ‘मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना’ पर जोर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी पंजीकृत व्यापारी की किसी दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो जाती है, तो उत्तर प्रदेश सरकार उनके परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। अब तक प्रदेश में 25 ऐसे परिवारों को यह राशि दी जा चुकी है। जिलाधिकारी ने अपील की कि अधिक से अधिक व्यापारी अपना पंजीकरण कराएं ताकि वे इस सरकारी सुरक्षा कवच के हकदार बन सकें।
समस्याओं का त्वरित निस्तारण: अधिकारियों को कड़े निर्देश
व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जिलाधिकारी ने सभागार में मौजूद विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापार से जुड़ी किसी भी फाइल या शिकायत को लंबित न रखा जाए। समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर और समयबद्ध तरीके से होना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि व्यापारिक क्षेत्रों में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता किया जाएगा ताकि व्यापारी भयमुक्त होकर अपना कारोबार कर सकें।
कर अदायगी: राष्ट्र निर्माण में योगदान
जिलाधिकारी ने व्यापारियों से समय पर और ईमानदारी से कर जमा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब व्यापारी समय पर टैक्स देते हैं, तो वे न केवल कानूनी झंझटों से मुक्त रहते हैं, बल्कि प्रदेश और देश के बुनियादी ढांचे के निर्माण में सीधे तौर पर सहभागी बनते हैं। उन्होंने राज्य कर विभाग को निर्देश दिए कि व्यापारियों को पंजीकरण और रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में हर संभव तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाए।
प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के.के. सिंह, क्षेत्राधिकारी अर्चना सिंह, उपायुक्त उद्योग प्रभात यादव सहित जनपद के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी उपस्थित रहे।






