खैरी में विकास के नाम पर विनाश! स्वीकृत नक्शा बदल कर दूसरी जगह बना रहे नाला, आक्रोशित ग्रामीणों ने रोका काम

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कोंच के ग्राम खैरी में ग्रामीणों द्वारा गलत नाला निर्माण का विरोध करते हुए उपजिलाधिकारी को दिया शिकायती पत्र

कौंच (जालौन): जनपद जालौन की तहसील कौंच के अंतर्गत आने वाले ग्राम खैरी में जिला पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यहाँ विकास कार्य के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग और नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिला पंचायत द्वारा कराया जा रहा नाला निर्माण कार्य स्वीकृत प्रस्ताव के विपरीत दूसरी जगह किया जा रहा है, जिससे न केवल रोड खराब हो रहा है बल्कि भविष्य में भारी जल-भराव का संकट भी खड़ा हो गया है।

प्रस्तावित स्थल को छोड़ दूसरी जगह निर्माण का खेल

​ग्रामीणों द्वारा उपजिलाधिकारी (SDM) कौंच को दिए गए शिकायती पत्र में उल्लेख किया गया है कि ग्राम खैरी में नाला निर्माण का कार्य “हुल्की माता मंदिर के तालाब से लेकर प्राथमिक विद्यालय होते हुए घनश्याम के खेत से बम्बा तक” स्वीकृत किया गया था। यह मार्ग गांव के पानी के निकास के लिए सबसे उपयुक्त और लाभदायक है। लेकिन वर्तमान में ठेकेदार और विभाग द्वारा मिलीभगत कर इस जगह को छोड़कर दूसरी अनुपयुक्त जगह पर नाला बनाया जा रहा है।

सड़क और पेयजल लाइन को पहुँच रही क्षति

​गलत जगह नाला निर्माण होने के कारण गांव की मुख्य सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो रही है। इतना ही नहीं, खुदाई के दौरान पेयजल की पाइपलाइन भी जगह-जगह से फट गई है, जिससे ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का संकट पैदा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर नाला बनाया जा रहा है, वहाँ पानी के निकास की कोई व्यवस्था ही नहीं है, जिससे यह करोड़ों की लागत से बना नाला केवल सफेद हाथी साबित होगा।

स्कूली बच्चों की बढ़ी मुश्किलें

​ग्रामवासी घनश्याम कुशवाहा और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यदि स्वीकृत नक्शे के अनुसार नाला नहीं बना, तो प्राथमिक विद्यालय में जल-भराव की समस्या का समाधान कभी नहीं हो पाएगा। वर्तमान में बारिश और गंदगी का पानी स्कूल के रास्ते में भर जाता है, जिससे छोटे बच्चों को स्कूल जाने में भारी कठिनाई होती है। प्रस्तावित नाला इसी समस्या के स्थाई समाधान के लिए मंजूर हुआ था, जिसे अब निजी स्वार्थ के चलते मोड़ा जा रहा है।

ग्रामीणों ने काम रुकवाकर जांच की मांग की

​मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने मौके पर काम का विरोध किया और सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त पत्र प्रशासन को सौंपा है। ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि:

  • ​तत्काल प्रभाव से गलत जगह हो रहे निर्माण को रुकवाया जाए।
  • ​जिला पंचायत के तकनीकी अधिकारियों के खिलाफ जांच बैठाई जाए।
  • ​स्वीकृत प्रस्ताव (हुल्की माता मंदिर से बम्बा तक) के अनुसार ही नाला बनवाया जाए।

​शिकायत करने वालों में मुख्य रूप से घनश्याम कुशवाहा, अनिल कुमार, प्रताप सिंह, राघवेंद्र, आशीष, सुमित और अन्य ग्रामीण शामिल रहे। अब क्षेत्रवासियों की नजरें तहसील प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या भ्रष्टाचार की इस दीवार को गिराकर जनहित में सही निर्माण कराया जाएगा या नहीं।

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