शिक्षक हत्याकांड का पूर्ण पटाक्षेप: नदीगांव पुलिस ने 25-25 हजार के दो इनामी हत्यारोपियों को दबोचा

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नदीगांव थाना पुलिस टीम की गिरफ्त में खड़े हत्या के आरोपी वाहिद और प्रेम, साथ में पुलिस अधिकारी और बरामदगी की प्रतीकात्मक फोटो

रिपोर्ट : राहुल,जालौन। UP SAMVAD

कोंच (जालौन): जनपद के बहुचर्चित पूर्व सरकारी शिक्षक राघवेंद्र सिंह हत्याकांड में फरार चल रहे दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का पूरी तरह खुलासा कर दिया है। थाना नदीगांव पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 25-25 हजार रुपये के इनामी दो बदमाशों को उरई रेलवे स्टेशन के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया है। इन दोनों की गिरफ्तारी के साथ ही इस हत्याकांड में शामिल सभी 8 अभियुक्त अब सलाखों के पीछे पहुँच चुके हैं।
​घटना का संक्षिप्त विवरण और पृष्ठभूमि
​ज्ञात हो कि नदीगांव थाना क्षेत्र के ग्राम परासनी में तैनात प्राथमिक सरकारी शिक्षक राघवेंद्र सिंह (पुत्र स्व. मनीराम वर्मा), निवासी शिवाजी नगर, झांसी का बीते 10 फरवरी को अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने न केवल शिक्षक की निर्मम हत्या की, बल्कि साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को उत्तर प्रदेश की सीमा से दूर मध्य प्रदेश के थाना सेवढ़ा क्षेत्र में फेंक दिया था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी और शिक्षक समाज में भारी रोष व्याप्त था।
​उच्चाधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
​अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (कानपुर जोन) और पुलिस उप महानिरीक्षक (झांसी परिक्षेत्र) के कड़े रुख के बाद, पुलिस अधीक्षक जालौन के कुशल नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी कोंच के दिशा-निर्देशन में थाना नदीगांव पुलिस लगातार अपराधियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
​मुखबिर की सटीक सूचना पर उरई से गिरफ्तारी
​रविवार की शाम को थानाध्यक्ष नदीगांव शशिकांत चौहान को मुखबिर के जरिए इन फरार अभियुक्तों की उपस्थिति के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त हुई। त्वरित कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ उप निरीक्षक राजकुमार, कांस्टेबल मनोज दीक्षित, अंकित मलिक और सुमित मिश्रा की टीम ने उरई रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी की। पुलिस ने मौके से अभियुक्त वाहिद (19) पुत्र नवाशे शाह (निवासी बदायूं, हाल निवासी दिल्ली) और प्रेम (19) पुत्र स्व. हेमराज (निवासी दिल्ली) को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
​पुरस्कार घोषित अपराधियों का कानूनी अंत
​गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्त पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे, जिसके चलते पुलिस अधीक्षक जालौन ने इन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस की इस सफलता पर स्थानीय जनता और पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।
​मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस जघन्य हत्याकांड में कुल 8 अभियुक्त नामजद थे। पुलिस ने पूर्व में ही 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि वाहिद और प्रेम फरार चल रहे थे। आज इन दोनों को भी विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की तैयारी में है।

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