शिक्षा जगत के एक युग का अंत: पूर्व प्राचार्य डॉ. टीआर निरंजन की त्रयोदशी पर उमड़ा जनसैलाब, दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

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कोंच के ग्राम चमरसेना में दिवंगत पूर्व प्राचार्य डॉ. टीआर निरंजन को श्रद्धांजलि अर्पित करते विधायक मूलचंद्र निरंजन और अन्य गणमान्य नागरिक

रिपोर्ट : राहुल,जालौन। UP SAMVAD

कोंच (जालौन): जनपद जालौन के प्रतिष्ठित मथुरा प्रसाद महाविद्यालय के पूर्व एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. टीआर निरंजन के आकस्मिक निधन से न केवल शिक्षा जगत, बल्कि पूरे जनपद में शोक की लहर है। सोमवार को कोंच ब्लॉक के ग्राम चमरसेना में आयोजित उनके त्रयोदशी संस्कार के अवसर पर भारी संख्या में जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, समाजसेवी संस्थाओं और किसान नेताओं ने पहुँचकर दिवंगत आत्मा को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
​शिक्षा के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति
​डॉ. टीआर निरंजन एक कुशल प्रशासक और समर्पित शिक्षाविद के रूप में पहचाने जाते थे। उनके कार्यकाल के दौरान मथुरा प्रसाद महाविद्यालय ने अकादमिक क्षेत्र में कई नए आयाम स्थापित किए थे। उनके निधन को क्षेत्र के बौद्धिक विकास के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. निरंजन ने अपना पूरा जीवन युवाओं के भविष्य को संवारने में समर्पित कर दिया।
​राजनेताओं और समाजसेवियों का लगा तांता
​ग्राम चमरसेना में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक मूलचंद्र निरंजन ने शिरकत की और दिवंगत प्राचार्य के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उनके साथ ही जदयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश निरंजन ‘भईयाजी’ ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
​श्रद्धांजलि देने वालों में प्रमुख रूप से तेजसिंह मास्टर, शिवशंकर पटेल (झांसी), प्रो. वीरेंद्र सिंह, और शिवप्रसाद निरंजन ‘बब्बू’ शामिल रहे। इसके अलावा शारदा प्रसाद भदारी, लाखन सिंह चांदनी, सुशील कुमार इमलिया, जितेंद्र सिंह भेंपता, राघवेंद्र सिंह नगरी और शैलेंद्र कुमार भदवा ने भी उनके व्यक्तित्व को याद किया।
​महिला शक्ति और ग्रामीण नेतृत्व की उपस्थिति
​कार्यक्रम में क्षेत्रीय ग्रामीण नेतृत्व और महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। महेंद्र सिंह दिराबटी, विटोली निरंजन धनतौली, कुसुम निरंजन भदवा, मिथिलेश निरंजन दिरावटी और सुनीता निरंजन किशुनपुरा सहित दर्जनों गणमान्य नागरिकों ने अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। कार्यक्रम का कुशल संचालन मनोहर पटेल किशुनपुरा द्वारा किया गया।
​कृतज्ञता और आभार
​श्रद्धांजलि सभा के समापन पर डॉ. महेश्वरी और प्रीति निरंजन ने उपस्थित सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि डॉ. टीआर निरंजन के आदर्श और उनके द्वारा दिखाए गए शिक्षा के मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। पूरा वातावरण डॉ. निरंजन के संस्मरणों से भावुक नजर आया और लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

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