थाना समाधान दिवस: जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने एट कोतवाली में सुनीं जन-समस्याएं; अवैध कब्जेदारों पर पीपी एक्ट के तहत होगी सख्त कार्रवाई

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप जन-समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण के लिए शनिवार को जनपद जालौन के विभिन्न थानों में ‘थाना समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इसी क्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने एट कोतवाली पहुंचकर जनसुनवाई की। उच्चाधिकारियों ने न केवल दूर-दराज से आए फरियादियों की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुना, बल्कि मौके पर ही शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर पीड़ितों को तत्काल राहत प्रदान की।
मौके पर न्याय: दो प्रमुख शिकायतों का हुआ त्वरित निस्तारण
एट कोतवाली परिसर में आयोजित इस समाधान दिवस के दौरान कुल दो मुख्य शिकायतें प्राप्त हुईं। इसमें पहली शिकायत प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित थी, जबकि दूसरी शिकायत एक गंभीर पारिवारिक विवाद से जुड़ी थी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर उनकी दलीलों को सुना। तथ्यों की बारीकी से समीक्षा करने के बाद, अधिकारियों ने मौके पर ही मौजूद संबंधित विभाग के कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप दोनों प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। अपनी समस्याओं का तत्काल समाधान पाकर फरियादियों के चेहरों पर संतोष भाव देखा गया।
अवैध कब्जे पर जीरो टॉलरेंस: पीपी एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कड़े तेवर अपनाते हुए सरकारी भूमि के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने उपस्थित अधिशासी अधिकारी (EO) और लेखपालों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
”सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि कहीं भी अवैध कब्जे की सूचना मिलती है, तो बिना विलंब किए संबंधित भू-माफिया या अवैध कब्जा करने वाले व्यक्ति को नोटिस जारी करें और सार्वजनिक संपत्ति (अवैध कब्जा निवारण) अधिनियम यानी पीपी एक्ट (Public Premises Act) के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।” – राजेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी
रिक्त सरकारी भूमि का सदुपयोग: गौशालाओं के लिए उगेगा हरा चारा
जिलाधिकारी ने एक अभिनव पहल पर चर्चा करते हुए राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में जो भी सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई है या खाली पड़ी है, उसे खाली न छोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि इन भूमियों पर निराश्रित गोवंश की सुविधा हेतु हरे चारे की बुवाई कराई जाए। इससे न केवल सरकारी जमीन सुरक्षित रहेगी, बल्कि स्थानीय गौशालाओं के लिए चारे की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित हो सकेगी।
पुलिस और राजस्व विभाग के समन्वय पर जोर
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘थाना समाधान दिवस’ की सार्थकता तभी है जब फरियादी को न्याय के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने निर्देश दिया कि जमीन से जुड़े विवादों में पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीमें मौके पर जाएं। आपसी समन्वय के साथ की गई जांच से न केवल विवाद समाप्त होते हैं, बल्कि शांति व्यवस्था भी बनी रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर स्थानीय निकाय के अधिकारी, राजस्व विभाग के कानूनगो, लेखपाल और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासन की इस सक्रियता ने आमजन में विश्वास जगाया है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब बिना किसी देरी के शासन की प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।






