दबंगों के हौसले बुलंद: जालौन में युवक का सरेराह अपहरण कर मरणासन्न होने तक पीटा, लूट ले गए मोबाइल

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई, जालौन: जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए दबंगों ने एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। उरई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत चुर्खी बाईपास पर एक युवक को सरेराह गिराकर उसका अपहरण किया गया और एकांत में ले जाकर लोहे की रॉड व हॉकी से लहूलुहान कर दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने मुख्य आरोपी को पकड़ने के बावजूद उसे छोड़ दिया, जिससे अब पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद खोता जा रहा है।
सब्जी मंडी से सरेआम अपहरण की वारदात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उरई कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चकजगदेवपुर निवासी रितिक कुमार पुत्र राजेन्द्र सिंह ने पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह को लिखित प्रार्थना पत्र देते हुए अपनी आपबीती सुनाई। रितिक ने बताया कि 5 मई की शाम लगभग 4 बजे वह अपने भाई सोनू के साथ घरेलू सामान और सब्जियां खरीदने के लिए चुर्खी बाईपास चौराहे पर गया था।
अभी वह खरीदारी कर ही रहा था कि तभी ग्राम अटरिया निवासी गोलू बाल्मीकि अपने 6-7 अज्ञात साथियों के साथ कई मोटरसाइकिलों पर सवार होकर वहां पहुंचा। चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपियों ने रितिक की मोटरसाइकिल को लात मारकर गिरा दिया और बीच सड़क पर उसे जबरन उठाकर अपनी बाइक पर बैठा लिया।
मरघट के पास ले जाकर किया जानलेवा हमला
आरोपी पीड़ित रितिक को अगवा कर चुर्खी बाईपास से आगे स्थित श्मशान (मरघट) के पास सुनसान इलाके में ले गए। रितिक का आरोप है कि वहां पहले से घात लगाए बैठे गोलू बाल्मीकि, प्रदुम और उनके अन्य साथियों ने उस पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने लोहे की रॉड, हॉकी और ईंटों का इस्तेमाल कर उसे बुरी तरह पीटा। इस बर्बर हमले में रितिक के सिर और कंधे पर गंभीर चोटें आईं। खून से लथपथ रितिक जब बेसुध हो गया, तो दबंगों ने उसका कीमती मोबाइल फोन भी लूट लिया।
ग्रामीणों ने एक आरोपी को पकड़ा, पुलिस पर मिलीभगत का आरोप
शोर सुनकर रितिक का भाई सोनू और कुछ राहगीर मौके पर पहुंचे। भीड़ को आता देख हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए भागने लगे। भागते समय ग्रामीणों ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी गोलू बाल्मीकि को दबोच लिया और उसे तत्काल पुलिस के हवाले कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने घायल अवस्था में उसका मेडिकल परीक्षण तो कराया, लेकिन वारदात के दो दिन बीत जाने के बाद भी कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की। रितिक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने पकड़े गए आरोपी गोलू बाल्मीकि को बिना किसी ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया, जिससे अपराधियों के हौसले और बढ़ गए हैं।
एसपी से लगाई न्याय की गुहार
उरई कोतवाली में सुनवाई न होने से हताश रितिक कुमार अपने परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। उसने एसपी विनय कुमार सिंह को अपनी चोटें दिखाते हुए बताया कि वह पिछले दो दिनों से न्याय के लिए भटक रहा है। रितिक ने अपनी जान को खतरा बताते हुए मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ अपहरण, लूट और जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
फिलहाल, पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कोतवाली को त्वरित जांच और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। देखना होगा कि इस गंभीर मामले में खाकी अपनी साख बचा पाती है या पीड़ित को दर-दर की ठोकरें ही मिलती रहेंगी।






