जालौन: गौशालाओं में लापरवाही पर डीएम का कड़ा रुख; BDO का वेतन रोका, प्रतिकूल प्रविष्टि के आदेश

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन। जनपद में गौवंश संरक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शासन की मंशा के अनुरूप निराश्रित पशुओं की उचित देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित ‘सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ कुएलटी टू एनीमल’ एवं ‘गौसंरक्षण अनुश्रवण मूल्यांकन समीक्षा समिति’ की वर्चुअल बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गौवंश की सुरक्षा और सेवा में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
तकनीकी खामियों पर गिरी गाज: 68 गौशालाओं के सीसीटीवी बंद
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी उस समय बेहद नाराज दिखे जब जनपद की 68 गौशालाओं में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही और पारदर्शिता में बाधक मानते हुए तत्काल प्रभाव से संबंधित खंड विकास अधिकारियों (BDO) का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। विशेष रूप से जालौन गौशाला में रखरखाव की बदहाल स्थिति और कैमरे क्रियाशील न होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड विकास अधिकारी को ‘प्रतिकूल प्रविष्टि’ (Adverse Entry) देने के आदेश जारी किए हैं, जो सीधे तौर पर उनके सर्विस रिकॉर्ड को प्रभावित करेगा।
भीषण गर्मी को लेकर विशेष प्रबंध: किसानों से होगा अनुबंध
आगामी भीषण गर्मी के मद्देनजर जिलाधिकारी ने गौवंशों के लिए छाया, पर्याप्त पानी और हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने को प्राथमिकता बताया है। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- प्रत्येक ग्राम पंचायत में हरे चारे की निरंतर आपूर्ति के लिए दो किसानों के साथ अनुबंध किया जाए।
- गौशालाओं में बड़े शेड और पेयजल की टंकियों की नियमित सफाई की जाए।
- गौवंशों को लू और गर्मी से बचाने के लिए पर्याप्त छायादार स्थान विकसित किए जाएं।
त्रि-स्तरीय सुरक्षा: 8-8 घंटे की शिफ्ट में तैनात होंगे केयरटेकर
गौवंशों की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने एक नई कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब प्रत्येक गौशाला में तीन केयरटेकरों की तैनाती की जाएगी, जो आठ-आठ घंटे की तीन अलग-अलग शिफ्टों में अपनी ड्यूटी करेंगे। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि अभिलेखों का रखरखाव और भौतिक निरीक्षण नियमित होना चाहिए ताकि किसी भी गौवंश की बीमारी या मृत्यु के समय तत्काल चिकित्सकीय उपचार या प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
सड़कों पर घूमने वाले पशुओं के लिए विशेष अभियान
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और निराश्रित गौवंशों को आश्रय देने के लिए जिलाधिकारी ने विशेष ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूम रहे पशुओं को तत्काल निकटतम गौशालाओं में पहुंचाया जाए। साथ ही, जहां गौशालाओं को मर्ज (एकीकृत) किया गया है, वहां पुराने अस्थाई शेडों को एक सप्ताह के भीतर हटाकर गौवंशों को व्यवस्थित रूप से नए स्थलों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा तय की गई है।
गैर-जिम्मेदार पशुपालकों पर लगेगा भारी जुर्माना
दूध निकालने के बाद अपने पशुओं को लावारिस छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ अब प्रशासन कठोर दंडात्मक कार्रवाई करेगा। जिलाधिकारी ने जुर्माने की दरें निर्धारित करते हुए बताया कि:
- प्रथम उल्लंघन: 500 रुपये का आर्थिक दंड।
- द्वितीय उल्लंघन: 1000 रुपये का जुर्माना।
- तृतीय उल्लंघन: पशु क्रूरता अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड पर जाकर व्यवस्थाओं की जांच करें। इस उच्च स्तरीय बैठक में परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी निशांत पाण्डेय सहित जनपद के तमाम संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।






